हेती: संकट की घड़ी में, देश के लोगों के हौसले की तारीफ़

संयुक्त राष्ट्र की उप महासचिव आमिना जे मोहम्मद ने बीते सप्ताह भीषण भूकम्प से प्रभावित हुए देश हेती का शुक्रवार को, दो दिन का दौरा शुरू करते हुए कहा है कि राहत और बचाव टीमें, दिन-रात काम में जुटी हैं, और वो हेती के लोगों की सहनक्षमता, बर्दाश्त और संयम देखकर चकित हैं.

देश के लोगों ने भूकम्प और उसके दो दिन बाद उष्णदेशीय तूफ़ान से हुई तबाही को देखते हुए, तुरन्त अपने पड़ोसियों को सहायता पहुँचाने के लिये सक्रिय हो गए.

यूएन उप प्रमुख आमिना जे मोहम्मद ने हेती के लोगों को, संकट की इस घड़ी में, देश के लोगों के लिये, संयुक्त राष्ट्र का अथक समर्थन ज़ाहिर करने के लिये, अपनी ये यात्रा, शुक्रवार को शुरू की.

14 अगस्त को आए, 7.2 तीव्रता वाले भीषण तूफ़ान ने देश में भारी तबाही मचाई है, जिसके कारण हताहत हुए लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है. इस भूकम्प ने मुख्य रूप से, हेती के दक्षिणी इलाक़े को ज़्यादा प्रभावित किया.

शनिवार, 21 अगस्त तक मिली जानकारी के अनुसार, लगभग 2100 लोग मारे गए हैं और 10 हज़ार से ज़्यादा घायल हुए हैं.

सोमवार, 16 अगस्त को आए उष्णदेशीय तूफ़ान ने, भूकम्प से प्रभावित इलाक़ों में, त्वरित बाढ़ उत्पन्न कर दी.

स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, तक़रीबन 6 लाख लोगों को, सहायता की आवश्यकता है.

उप महासचिव आमिना जे मोहम्मद ने, अपनी हेती यात्रा के दौरान, भूकम्प से सबसे ज़्यादा प्रभावित नगर लेस कायेस में, प्रभावित समुदायों के साथ मुलाक़ात की.

उन्होंने कहा, “हमने, एक बार फिर, हेती के लोगों की असाधारण सहन क्षमता देखी है जिन्हें इतनी भारी तकलीफ़ें उठानी पड़ रही हैं. इन लोगों ने, भूकम्प के बाद के समय में, अपने पड़ोसियों और समुदायों के लिये सहायता जुटा रहे हैं.”

उन्होंने कहा, “हम, हेती के लोगों के लिये एकजुटता के साथ खड़े हैं और इस कठिन दौर में, लोगों की मदद करने के लिये, राष्ट्रीय प्रशासनिक अधिकारियों और यूएन एजेंसियों द्वारा किये जा रहे असाधारण काम को देखकर हम भौचक हैं.”

प्रोत्साहन के शब्द

संयुक्त राष्ट्र की उप महासचिव आमिना जे मोहम्मद, शुक्रवार रात को, हेत पहुँचीं जहाँ उन्होंने प्रधानमंत्री एरियल हैनरी से मुलाक़ात की है और मुश्किलों का सामना कर रही सरकार को संयुक्त राष्ट्र का समर्थन व्यक्त किया है.

संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) के प्रशासक अख़िम श्टीनर भी उप महासचिव के साथ, हैती की यात्रा पर हैं.

दोनों यूएन वरिष्ठ पदाधिकारियों ने देश में संयुक्त राष्ट्र की टीम के सदस्यों के साथ-साथ, सिविल सोसायटी के लोगों के साथ भी मुलाक़ात की है.

यूएन उप प्रमुख ने देश के राष्ट्रयी व अन्तरराष्ट्रीय कर्मचारियों के साथ-साथ राष्ट्रीय संस्थानों को हौसला बढाने वाले और एकजुटता भरे शब्दों में सन्देश दिया है.

भविष्य के लिये एकजुटता, आशा और सबक़

उप महासचिव आमिना जे मोहम्मद ने कहा कि वर्ष 2010 में आए भूकम्प से कुछ सबक़ सीखकर, बेहतर पुनर्बहाली के लिये, चीज़ें अलग तरीक़ से की जा सकती हैं.

इसके लिये, दीर्घकालीन विकास के लिये संसाधन निवेश और सरकारी नेतृत्व को समर्थन देना होगा.

संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) के प्रशासक अख़िम श्टीनर ने कहा, “मैंने इस यात्रा के दौरान, जो देखा है वो, दिल दहला देने वाला है – इतनी तबाही और तकलीफ़ें." 

"लेकिन इसके साथ ही, मैंने हेती के लोगों की एकजुटता और उनमें भरी उम्मीद देखी है जो विपदा की इस घड़ी में उनकी धरोहर है.”

उन्होंने ज़ोर देकर कहा, “संकट की इस घड़ी में हेती को हमारे समर्थन की ज़रूरत है."

"यूएनडीपी, हेती के लोगों को, इस समय और भविष्य के लिये पुनर्बहाली व पुनर्निर्माण में, समर्थन देने के लिये, यथासम्भव प्रयास करेगा.”

संयुक्त राष्ट्र की मौजूदगी

इस बीच, संयुक्त राष्ट्र् बालकोष – यूनीसेफ़ सहायता कार्यों के लिये, प्रभावित स्थानों पर मौजूद है और अपने साझीदारों के साथ मिलकर, दवाइयों, स्वच्छ जल सहित, ज़रूरी सामान की आपूर्ति सुनिश्चित करने में सक्रिय है.

Share this story