स्वस्थ भोजन के लिये, स्वस्थ पर्यावरण में निवेश की आवश्यकता पर बल

संयुक्त राष्ट्र खाद्य एवँ कृषि संगठन (UNFAO) के महानिदेशक क्यू डोन्गयू ने जी20 समूह के पर्यावरण मंत्रियों के नाम एक अपील जारी करते हुए, टिकाऊ रहन-सहन में ज़्यादा निवेश किये जाने का आग्रह किया है ताकि विश्व की बढ़ती आबादी के लिये भोजन की व्यवस्था की जा सके. 

यूएन एजेंसी के शीर्ष अधिकारी ने गुरूवार को इटली के नेपल्स में पर्यावरण के मुद्दे पर आयोजित जी20 समूह की मंत्रिस्तरीय बैठक को सम्बोधित किया. 

उन्होंने ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कटौती के समानान्तर अधिक मात्रा में खाद्य उत्पादन सुनिश्चित किये जाने की चुनौती को रेखांकित किया.  

“आज, मानवता के समक्ष, जैवविविधता की हानि, जलवायु संकट और महामारी के असर का तिहरा भूमण्डलीय सकंट है.”

“स्वस्थ भोजन पाने के लिये, हमें एक स्वस्थ पर्यावरण की आवश्यकता है.”

यूएन एजेंसी प्रमुख ने जल की क़िल्लत से निपटने की आवश्यकता पर बल दिया, जिससे फ़िलहाल एक अरब से अधिक लोग प्रभावित हैं. 

दक्षता को बढ़ाकर और टिकाऊ प्रबन्धन सुनिश्चित कर इसे हासिल किया जा सकता है. 

उन्होंने कहा कि जल-सम्बन्धी चुनौतियों का डिजिटल नवाचार, बेहतर देखरेख और निवेश के ज़रिये समाधान ढूँढा जा सकता है.  

साथ ही यूएन एजेंसी के महानिदेशक ने जैवविविधिता को बढ़ावा देने वाले उपायों को अपनाने पर ज़ोर देते हुआ आगाह किया है कि इस क्षेत्र में निवेश का मौजूदा स्तर अपर्याप्त है. 

महानिदेशक डोन्गयू ने ध्यान दिलाया कि वनों को पुनर्बहाल कर जलवायु परिवर्तन के असर को कम किया जा सकता है, पशुओं से मनुष्यों में फैलने वाली बीमारियों की रोकथाम सम्भव है.

इसके अलावा, जैवविविधता के नुक़सान और भूमि क्षरण पर रोक लगा कर प्रति वर्ष एक हज़ार 400 अरब डॉलर की बचत हो सकती है.  

उन्होंने कहा कि यूएन एजेंसी का मुख्य कार्य कृषि-भोजन प्रणालियों को ज़्यादा दक्ष, सुदृढ़, समावेशी और टिकाऊ बनाना है, जिसके ज़रिये इन चार क्षेत्रों में बेहतरी लाई जाएगी:

- उत्पादन
- पोषण
- पर्यावरण
- जीवन

इस बीच, खाद्य प्रणालियों के मुद्दे पर इस वर्ष होने वाली शिखर वार्ता से पहले, अगले सप्ताह सोमवार से बुधवार तक, एक पूर्व बैठक (Food Systems Pre-Summit) का आयोजन हो रहा है.

इस वर्चुअल कार्यक्रम की कवरेज के लिये इच्छुक पत्रकार, अपना पंजीकरण यहाँ करा सकते हैं. 

यह बैठक ‘कार्रवाई के दशक’ के तहत आयोजित की गई है, जिसका उद्देश्य वर्ष 2030 टिकाऊ विकास लक्ष्यों को प्राप्त करना है.

इस उच्चस्तरीय बैठक में विज्ञान, व्यवसाय, नीति, स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा जगत और अन्य क्षेत्रों के प्रतिनिधि शिरकत करेंगे.

इसका उद्देश्य, 17 टिकाऊ विकास लक्ष्यों की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ने के लिये निडर कार्रवाई को प्रोत्साहित करना है. इनमे से हर लक्ष्य किसी ना किसी रूप में, एक स्वस्थ, ज़्यादा टिकाऊ और न्यायसंगत खाद्य प्रणाली पर निर्भर है.

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