सीरिया: सीमा-पार मानवीय राहत जारी रखने की अवधि बढ़ाने का स्वागत

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने सुरक्षा परिषद द्वारा पश्चिमोत्तर सीरिया में सीमा-पार मानवीय राहत वितरण को अगले 12 महीनों तक जारी रखने की अनुमति दिये जाने के निर्णय का स्वागत किया है. 

बाब अल-हावा सीमा चौकी के ज़रिये पहुँचाई जाने वाली मदद, 34 लाख सीरियाई लोगों के लिये एक जीवनरेखा है. इनमें लगभग 10 लाख बच्चे हैं. 

सुरक्षा परिषद के उस यूएन महासचिव की ओर से जारी एक वक्तव्य के मुताबिक बाब अल-हावा सीमा चौकी से राहत वितरण को जारी रखने के लिये अनुमति बेहद ज़रूरी था. 

इस क्षेत्र और उससे परे लाखों लोगों के लिये मानवीय राहत, जीवन रेखा के समान है, मगर इसकी अवधि शनिवार को समाप्त हो रही थी. 

हालांकि उन्होंने आगाह किया कि ज़रूरतों का दायरा, राहत कार्रवाई से कहीं बड़ा है. इसके मद्देनज़र. अतिरिक्त रास्तों से सीमा पार राहत वितरण और वित्त पोषण का स्तर बढ़ाने की अपील की गई है.  

इस प्रस्ताव पर सहमति से पहले हफ़्तों की देरी हुई, मगर शुक्रवार को चर्चा के बाद सर्वसम्मति से यह पारित हो गया. 

इस प्रस्ताव में, छह महीने बाद, सीरिया-तुर्की सीमा पर राहत अभियान के सम्बन्ध में एक रिपोर्ट पेश किये जाने की बात कही गई है, जिसमें पारदर्शिता पर ज़ोर होगा और मानवीय आवश्यकताओं को पूरा कर पाने में हुई प्रगति का जायज़ा लिया जाएगा.  

शुक्रवार को पारित होने वाले प्रस्ताव को अगले वर्ष जनवरी में फिर से अनुमति की ज़रूरत नहीं है और जुलाई 2022 तक इसकी अवधि बढ़ाई जा सकती है. 

प्रस्ताव में सदस्य देशों से आग्रह किया गया है कि सीरियाई जनता की ज़रूरतों को पूरा करने के लिये व्यवहारिक क़दम उठाये जाने होंगे. 

महासचिव गुटेरेश ने अपने बयान में कहा कि संयुक्त राष्ट्र सभी युद्धरत पक्षों के साथ बातचीत के लिये प्रयासरत रहेगा ताकि अन्तरराष्ट्रीय मानवीय क़ानूनों के अनुरूप, ज़रूरतमन्द लोगों तक मानवीय राहत पहुँचाने के रास्तों को खुला रखा जा सके. 

जटिल मानवीय हालात 

इससे पहले, सीरिया संकट के लिये यूएन के उपक्षेत्रीय मानवीय राहत समन्वयक मार्क कट्स ने अपने बयान में कहा कि दस वर्ष पहले शुरू हुए हिंसक संघर्ष में, फ़िलहाल सीरियाई जनता सबसे ज़्यादा त्रस्त है.   

कोविड-19 महामारी के दौरान सीरिया में गम्भीर सामाजिक-आर्थिक और मानवीय हालात पैदा हुए हैं और देश, जटिल परिस्थितियों से गुज़र रहा है.   

उन्होंने कहा पश्चिमोत्तर में हालात बेहद पीड़ादायी हैं, जहाँ लाखों लोग, तुर्की से लगी सीमा के पास एक सक्रिय युद्ध क्षेत्र में फँसे हुए हैं. इनमें अधिकाँश महिलाएँ व बच्चे हैं.

सीरिया में यूएन के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हर महीने, मानवीय राहत सामग्री से लदे एक हज़ार से अधिक ट्रक सीमा पार करते हैं. 

पिछले वर्ष पश्चिमोत्तर में दस लाख से अधिक लोग विस्थापित हुए थे, और सीमा पार से आने वाली मदद के ज़रिये ज़रूरतमन्दों के लिये भोजन, दवाएँ, संरक्षण और शरण सुनिश्चित कर पाना सम्भव हो पाया था. 

मई 2021 में, सीमा चौकी के ज़रिये कोविड-19 टीकाकरण की पहली ख़ुराकों को लोगों तक पहुँचाने में मदद मिली थी.   

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