सीरिया: राजनैतिक हल के लिये ठोस कार्रवाई करने का अभी है सटीक समय

संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत गेयर पैडरसन ने मंगलवार को कहा है कि सीरिया में दस वर्ष से जारी गृहयुद्ध में, जान-माल के भारी नुक़सान के बाद अब कुछ तुलनात्मक शान्ति का दौर नज़र आया है, और इसी दौर में, लड़ाई का ख़ात्मा करने के लिये, एक राजनैतिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाना बहुत ज़रूरी है.

गेयर पैडरसन ने सुरक्षा परिषद में कहा, “सीरियाई लोगों को एक ऐसी कारगर राजनैतिक प्रक्रिया की ज़रूरत है जिसका नेतृत्व सीरियाई लोग ही करें और जो ठोस नतीजे दे सके.”

उन्होंने, सीरिया में क्रूर लड़ाई का ख़ात्मा करने के लिये सतत अन्तरराष्ट्रीय समर्थन, व सुरक्षा परिषद के 2015 के प्रस्ताव के अनुरूप, देश की सम्प्रभुता, एकता, स्वतंत्रता और क्षेत्रीय अखण्डता सुनिश्चित किये जाने का आग्रह भी किया है.

यूएन मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बाशेलेट ने गत सप्ताह बताया था कि सीरियाई युद्ध में, साढ़े तीन लाख से ज़्यादा लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, अलबत्ता, वास्तविक संख्या इससे कहीं ज़्यादा होने की सम्भावना है.

विशेष दूत गेयर पेडरसन ने इस आँकड़े में दुखद वृद्धि करते हुए कहा कि एक करोड़ 20 लाख से ज़्यादा लोग विस्थापित हुए हैं और लाखों लोग अब भी बन्दी, अपहृत और लापता हैं.

युद्ध विराम और राजनैतिक प्रक्रिया

पड़ोसी देश लेबनान में आर्थिक पतन और कोविड-19 व अन्तरराष्ट्रीय प्रतिबन्धों का असर भी, सीरिया में देखा जा रहा है. 

गेयर पैडरसन ने कहा कि ऐसे में जबकि 18 महीनों से सैन्य मोर्चों पर आमतौर पर कुछ ख़ामोशी देखी गई है और यथास्थिति के बारे में पक्षों द्वारा चिन्ताएँ व्यक्त की गई हैं तो, इन हालात में राजनैतिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिये, यह बिल्कुल सटीक समय है.

उन्होंने कहा, “प्रस्ताव 2254 में एक राष्ट्रीय युद्धविराम और समानान्तर राजनैतिक प्रक्रिया के बीच, निकट सम्बन्ध की पहचान की गई है, और मैं इसी के लिये अपनी पुकार दोहराता हूँ – ख़ासतौर, इससे पहले कि हिंसा की कुछ ताज़ा घटनाओं की स्थिति, हीं पूर्ण टकराव में ना बदल जाए.”

सम्बद्ध पक्षों से अपील

इदलिब में लगातार गोलाबारी, रॉकेट हमलों और हवाई हमलों में बढ़ोत्तरी के कारण, पहले वापिस आए लोगों को फिर  विस्थापित होना पड़ा है. 

सीरिया के पश्चिमोत्तर और उत्तरी अलेप्पो में ग़ैर-सरकारी सशस्त्र गुटों और तुर्की की सेना के बीच टकराव हुए हैं, और सीरियाई क्षेत्र में, तुर्की के ड्रोन हमले बढ़ने की ख़बरें मिली हैं.

इनके अतिरिक्त, राजधानी दमिश्क के निकट कुछ ठिकानों को भी निशाना बनाया गया है जिनके लिये इसराइल को ज़िम्मेदार ठहराया गया है, जबकि देश के भीतर अनेक आतंकवादी गुट भी सक्रिय हैं.

विशेष दूत गेयर पैडरसन ने कहा, “मुझे भरोसा है कि राष्ट्रपति पुतिन व अर्दोगान के बीच, बुधवार को होने वाली बैठक में, इदलिब व अन्य स्थानों की ज़मीनी स्थिति के मुद्दे पर भी बातचीत होगी.”

“मैं सभी प्रभावशाली पक्षों से शान्ति को बढ़ावा देने में अपने प्रभाव का इस्तेमाल करने की अपील करता हूँ. इस पर बहुत कुछ निर्भर है.”  

इस बीच, तुर्की से, सीरिया के भीतर, मानवीय सहायता की आपूर्ति के लिये, रूस और अमेरिका द्वारा किये गए प्रयास फिर शुरू हो गए हैं.

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