सीरिया: मानवीय सहायता के ज़रूरतमन्द बच्चों की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर  

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने आगाह किया है कि देश में संकट शुरू होने के 11 वर्ष बाद भी, सीरिया और अन्य पड़ोसी देशों में लाखों बच्चे भय, सहायता आवश्यकता और अनिश्चितता के साये में जीवन गुज़ारने के लिये मजबूर हैं और ज़रूरतमन्दों की संख्या रिकॉर्ड स्तर को छू रही है. यूएन एजेंसी ने हिंसक संघर्ष से प्रभावित सीरिया में 65 लाख और पड़ोसी देशों में 58 लाख ज़रूरतमन्द सीरियाई बच्चों के लिये सहायता की पुकार लगाई गई है. 

मध्य पूर्व और उत्तर अफ़्रीका के लिये यूनीसेफ़ की क्षेत्रीय निदेशक ऐडेल खोड्र ने बताया कि सीरिया में 65 लाख से अधिक बच्चों को मानवीय सहायता की आवश्यकता है. 

11 वर्ष पहले संकट शुरू होने के बाद से, यह ज़रूरतमन्द बच्चों की संख्या का उच्चतम स्तर है.

यूनीसेफ़ के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “सीरिया में संकट अभी ख़त्म नहीं हुआ है. इस वर्ष के पहले तीन महीनों के दौरान ही, 213 बच्चों की या तो मौत हुई है, या वे घायल हुए हैं.”

यूएन एजेंसी के अनुसार वर्ष 2011 में सीरिया में संकट शुरू होने के बाद, 13 हज़ार से अधिक बच्चों के हताहत होने की पुष्टि हुई है. 

उन्होंने कहा कि सीरिया के पड़ोसी देश, राजनैतिक अस्थिरता और नाज़ुक परिस्थितियों से जूझ रहे हैं और वहाँ क़रीब 58 लाख बच्चे, सहायता पर निर्भर हैं, और उनकी जीवन निर्धनता व कठिनाइयों में फँसा है.

“सीरिया और पड़ोसी देशों में बच्चों की आवश्यकताएँ बढ़ रही है. अनेक परिवारों के लिये अपनी गुज़र बसर कर पाना कठिन साबित हो रहा है.” 

खाद्य सामग्री समेत बुनियादी वस्तुओं की क़ीमतों में भारी उछाल आया है, जिसकी एक वजह यूक्रेन में जारी संकट बताया गया है. क्षेत्रीय निदेशक ऐडेल खोड्र के मुताबिक़, मानवीय सहायता अभियान के लिये धनराशि तेज़ी से ख़त्म हो रही है. 

“10 मई को सीरिया व क्षेत्र पर छठे ब्रसेल्स सम्मेलन से पहले, यूनीसेफ़ को इस वर्ष के लिये कुल ज़रूरी धनराशि की आधी रक़म ही प्राप्त हुई है.”

सहायता धनराशि का अभाव

बताया गया है कि सीरिया में संकट से प्रभावित बच्चों और उनके परिवारों के लिये दो करोड़ डॉलर की धनराशि की तत्काल आवश्यकता है, ताकि सीमा-पार राहत अभियान जारी रखा जा सके. 

सीरिया के पश्चिमोत्तर में रह रहे लगभग 10 लाख बच्चों तक जीवनदायी सहायता पहुँचाने के लिये यह बेहद अहम है.

“शिक्षा, जल व साफ़-सफ़ाई, स्वास्थ्य, पोषण और सामाजिक संरक्षण समेत अति-आवश्यक बुनियादी सेवाएँ वितरित करने के लिये, प्रणालियों की पुनर्बहाली हेतु निवेश भी अनिवार्य है, ताकि कोई भी सीरियाई बच्चा पीछे ना छूट पाए.”

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष ने सभी युद्धरत पक्षों के नाम जारी अपनी अपील में सीरियाई बच्चों और उनके भविष्य के लिये, संकट के एक राजनैतिक समाधान की तलाश किये जाने का आग्रह किया है. 

संगठन ने दोहराया है कि ऐसे किसी समाधान के अभाव में सीरिया और पड़ोसी देशों में मानवीय राहत अभियान को समर्थन देना जारी रखना होगा. 

Share this story