यूनेप और भारत के बीच, जलवायु कार्रवाई आगे बढ़ाने के लिये समझौता

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूनेप) और भारत के बीच, दक्षिण एशिया में जलवायु कार्रवाई के लिये बेहतर सामंजस्य बैठाने और अधिक निकटता से कार्य करने के लिये एक समझौता हुआ है. इसे ‘मेज़बान देश समझौता’ कहा जा रहा है.

यह ‘मेज़बान देश समझौता’ हाल ही में, ऐसे समय हुआ है, जब भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने, स्कॉटलैण्ड के ग्लासगो में यूएन जलवायु सम्मेलन - COP26 के अन्तर्गत एक नवम्बर 2021 को, एक प्रमुख जलवायु शिखर सम्मेलन में, 5 प्रमुख एजेण्डे पेश करके, जलवायु परिवर्तन के लिये अपनी प्रतिबद्धता की घोषणा की.

यह समझौता, भारत में संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम को अन्य संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों के समान क़ानूनी क़द प्रदान करता है और यूनेप को भारत, दक्षिण एशिया और वैश्विक स्तर पर पर्यावरण के प्रमुख क्षेत्रों में, भारत सरकार के साथ अधिक निकटता से काम करने में सक्षम बनाता है.

यह समझौता, 15 सितम्बर 2021 को, प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में भारतीय मंत्रिमण्डल ने अनुमोदित किया.

समझौते पर हस्ताक्षर होने के अवसर पर मौजूद, यूनेप की कार्यकारी निदेशक, इन्गेर एण्डरसन ने कहा, "जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता के नुक़सान व प्रदूषण और कचरे के तिहरे ग्रहीय संकट पर वैश्विक कार्रवाई में, भारत बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है."

"यूनेप, टिकाऊ विकास के पर्यावरणीय आयामों को हासिल करने हेतु, देश की क्षमता मज़बूत करने की दिशा में, भारत के साथ अपनी साझेदारी बढ़ाने के लिये तत्पर है."

समझौते के तहत, भारत में संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम, प्रमुख पर्यावरणीय मुद्दों के निवारण के लिये, सरकार को अधिकाधिक विज्ञान और तकनीकी सहायता प्रदान करेगा.

इससे, वैश्विक पर्यावरण सुविधा (Global Environment Facility (GEF) के ज़रिये, भारत की महत्वपूर्ण कार्यान्वयन एजेंसी, यूनेप-भारत के सहयोगी प्रयासों को मज़बूती मिलेगी.

साथ ही, यह समझौता यूनेप को, सम्मेलनों और बहुपक्षीय पर्यावरण समझौतों, टिकाऊ विकास पर 2030 एजेण्डा के पर्यावरणीय आयामों व अन्य अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर सहमत वैश्विक पर्यावरणीय लक्ष्यों पर, भारत का बेहतर समर्थन करने में सक्षम करेगा. 

इसके अलावा, यूनेप को मंत्रालयों व अन्य हितधारकों के साथ व्यापक सहयोग स्थापित करने में भी मदद मिलेगी.

समझौते पर हस्ताक्षर के दौरान, भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे, भारत सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री, भूपेंद्र यादव ने कहा, "यूनेप की उपस्थिति, भारत में यूनेप के कार्रवाई कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी ढंग से कार्यान्वित और समन्वित करने में सहायक होगी."

उन्होंने कहा, "यूनेप की उपस्थिति अब भारत सरकार के साथ, संयुक्त राष्ट्र की देशीय टीम और संयुक्त राष्ट्र तकनीकी सहायता ढाँचे के सन्दर्भ में स्थापित की जाएगी."

Share this story