यूक्रेन: विन्नीत्सिया में मिसाइल हमले की निन्दा, 20 से ज़्यादा की मौत

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश गुरूवार को यूक्रेन के केन्द्रीय विन्नीत्सिया इलाक़े में हुए एक घातक मिसाइल हमले पर हतप्रभ हैं जिसमें ख़बरों के अनुसार 22 लोगों की मौत हुई है और 100 अधिक घायल हुए हैं. मृतकों में तीन बच्चे भी हैं.

यूएन महासचिव के प्रवक्ता ने एक वक्तव्य में कहा है कि ये इलाक़ा पूर्वी इलाक़े में चल रहे मुख्य युद्ध के अग्रिम मोर्चे से बहुत दूर है.

मीडिया ख़बरों में यूक्रेन के अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि काला सागर में मौजूद रूसी पनडुब्बियों से दागी गई क्रूज़ मिसाइलों ने, शहर के केन्द्रीय नागरिक इलाक़े को निशाना बनाया.

इनमें एक दफ़्तरी इमारत और रिहाइशी इमारतें भी शामिल हैं.

प्रवक्ता के वक्तव्य में कहा गया है कि महासचिव नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढाँचे के विरुद्ध किसी भी तरह के हमलों की निन्दा करते हैं. 

उन्होंने इस तरह के उल्लंघन की जवाबदेही निर्धारित करने की अपनी पुकार भी दोहराई.

लाखों लोग बुनियादी सेवाओं से वंचित

संयुक्त राष्ट्र की मानवीय सहायता एजेंसियों ने ख़बर दी है कि पिछले 24 घण्टों के दौरान अनेक नागरिक ठिकानों पर हमले किये गए हैं जिनमें लोग हताहत हुए हैं और नागरिक ढाँचे को भी भारी नुक़सान पहुँचा है.

ये हमले मुख्य रूप से पूर्वी हिस्से में हुए हैं.

संयुक्त राष्ट्र के उप प्रवक्ता फ़रहान हक़ ने न्यूयॉर्क में पत्रकारों को बताया कि युद्ध ने अति महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे को भारी नुक़सान पहुँचाया है जिसके कारण कुल मिलाकर लाखों लोग स्वास्थ्य सेवाओं, जल, बिजली और गैस आपूर्ति जैसी सेवाओं तक पहुँच से वंचित हो गए हैं.

उप प्रवक्ता ने बताया कि यूक्रेन के अधिकारियों के अनुसार, मारियुपोल में लोगों को पीने के पानी तक सीमित पहुँच है जोकि प्रति सप्ताह प्रति व्यक्ति केवल पाँच लीटर है.

संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने शहर में हैज़ा फैलने के उच्च जोखिम के बारे में आगाह किया है, हालाँकि अभी इसका कोई मामला सामने नहीं आया है.

पूरे यूक्रेन में लगभग 800 बस्तियों में बिजली बिल्कुल भी नहीं है, और दो लाख 30 हज़ार से ज़्यादा परिवारों, व्यवसायों और अन्य पक्षों के पास बिल्कुल भी गैस आपूर्ति नहीं है.

अधिकारियों के अनुसार दोनेत्स्क क्षेत्र सबसे ज़्यादा प्रभावित हुआ है.

यूएन एजेंसियाँ देश भर में लोगों को और जो लोग 24 फ़रवरी को यूक्रेन पर रूसी आक्रमण शुरू होने के बाद से देश छोड़कर चले गए हैं, उन्हें भी सहायता पहुँचाना जारी रखे हुए हैं.

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