यूक्रेन में युद्ध के असर से जूझता मोल्दोवा, यूएन प्रमुख ने जताई एकजुटता

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सचेत किया है कि युद्धग्रस्त यूक्रेन के पड़ोस में स्थित देशों में, मोल्दोवा ने नाज़ुक हालात का सामना करने के बावजूद क़रीब पाँच लाख शरणार्थियों को अपने यहाँ प्रवेश दिया है. इसके मद्देनज़र, यूएन प्रमुख ने मोल्दोवा को बजट समेत व्यापक समर्थन मुहैया कराये जाने का आहवान किया है, जोकि देश में स्थिरता बनाए रखने के नज़रिये से अहम बताया गया है. 

यूएन के शीर्षतम अधिकारी ने सोमवार को मोल्दोवा की राजधानी चिज़िनाउ प्रधानमंत्री नतालिया गैव्रिलिता के साथ एक पत्रकार वार्ता को सम्बोधित किया.  

उन्होंने आगाह किया कि यूक्रेन में युद्ध का क्षेत्र और विश्व भर में व्यापक व दूरगामी असर हुआ है. हालात और बिगड़ने की स्थिति से उपजने वाले नतीजों का अन्दाज़ा लगा पाना भयावह होगा. 

यूएन प्रमुख ने यूक्रेन में रूस द्वारा लड़े जा रहे युद्ध के जारी रहने और उसके फैलने की आशंका पर गहरी चिन्ता जताई है. 

उन्होंने मोल्दोवा की उदारता की सराहना करते हुए कहा, “मोल्दोवा, योरोप में सबसे बड़ा या सबसे सम्पन्न देश भले ही ना हो, मगर इसकी विशाल उदारता व मानवता, हर किसी को नज़र आ सकती है.”

उन्होंने कहा कि मोल्दोवा जैसे पड़ोसी देश कोविड-19 की चुनौती, असमान पुनर्बहाली का सामना कर रहे थे और अब उन्हें इस युद्ध के सामाजिक-आर्थिक नतीजों को भी झेलना पड़ रहा है.

“इसके बदले, मोल्दोवा को विशाल समर्थन की दरकार है और वो उसका हक़दार भी है, जिसमें उदारता के अनुरूप व स्थिरता बनाये रखने के लिये बजट समर्थन भी है.”

महासचिव ने भरोसा दिलाया कि संयुक्त राष्ट्र इस कठिन समय में, ना सिर्फ़ यूक्रेन बल्कि मोल्दोवा की जनता को भी समर्थन देने के लिये प्रतिबद्ध है. 

महासचिव गुटेरेश ने ज़ोर देकर कहा कि, “आपकी सम्प्रभुता, स्वतंत्रता और क्षेत्रीय अखण्डता, और पिछले तीन दशकों में आपके द्वारा हासिल की गई ठोस प्रगति पर ना तो ख़तरा होना चाहिये, और ना ही उसे कमज़ोर किया जाना चाहिये.”

शान्ति स्थापना पर बल

यूएन के शीर्षतम अधिकारी ने रूस और यूक्रेन से सम्वाद के ज़रिये, कूटनैतिक प्रयासों को तेज़ करने का आग्रह किया है ताकि बातचीत से अन्तरराष्ट्रीय क़ानून और यूएन चार्टर के अनुरूप, मौजूदा संकट के हल की तलाश की जा सके. 

इस क्रम में, उन्होंने क्षेत्रीय व अन्तरराष्ट्रीय साझीदारों से, वैश्विक स्थिरता के हित में इस प्रक्रिया को समर्थन देने की पुकार लगाई है. 

“यूक्रेन पर रूसी आक्रमण को रोका जाना होगा. बन्दूकों को शान्त किया जाना होगा.”

संयुक्त राष्ट्र, यूक्रेन के भीतर और बाहर शरणार्थियों, विस्थापितों और मेज़बान समुदायों को समर्थन प्रदान करने में जुटा है. 

यूक्रेन में सहायता प्रयास

अब तक 200 साझीदारों के साथ देश के भीतर 54 लाख लोगों तक भोजन, शरण, कम्बल, दवाएँ समेत अन्य रूपों में मानवीय राहत पहुँचाई गई है. सर्वाधिक निर्बलों, विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों, बुज़ुर्गों और विकलांगजन पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जा रहा है. 

यूएन प्रमुख ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र का लक्ष्य मोल्दोवा में 90 हज़ार शरणार्थियों और 55 हज़ार मोल्दोवा के मेज़बानों को, सरकार व अन्य साझीदारों के समन्वय में सहारा प्रदान करना है.

अब तक 12 सदस्य देश योरोपीय संघ के एकजुटता प्लैटफ़ॉर्म का हिस्सा बने हैं, जिसके ज़रिये यूक्रेनी शरणार्थियों को मोल्दोवा से अन्य जह ले जाये जाने का संकल्प लिया गया है.

महासचिव ने अन्य देशों से भी साझा दायित्व व एकजुटता का प्रदर्शन करने और इस पहल में शामिल होने का आग्रह किया है. 

उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि यूक्रेन के भीतर उपजी ज़रूरतों को पूरा करने के लिये दो अरब 25 करोड़ डॉलर और शरणार्थियों पर केंद्रित सहायता अभियान के लिये एक अरब 85 करोड़ डॉलर की धनराशि को मुहैया कराया जाए.

मोल्दोवा में फ़िलहाल शरणार्थी उतनी संख्या में नहीं आ रहे हैं, जितना युद्ध के शुरुआती दिनों में देखा गया था.

मगर, सीमा पर यूक्रेनी नागरिकों से मिलने वाले संयुक्त राष्ट्र कर्मचारियों के अनुसार, कभी-कभी उनके प्रवाह में अचानक तेज़ी देखने को मिलती है, जिसकी वजह अक्सर मिसाइल हमलों में आई तेज़ी होती है.

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