यूक्रेन: उत्साहजनक अनाज निर्यात समझौते के बावजूद, युद्ध समाप्ति की क्षीण सम्भावनाएँ

संयुक्त राष्ट्र के राजनैतिक व शान्तिनिर्माण मामलों की प्रमुख रोज़मैरी डीकार्लो ने शुक्रवार को सुरक्षा परिषद को बताया है कि यूक्रेन में, युद्ध समाप्त होने के कोई संकेत नज़र नहीं आ रहे हैं, जिसे गत 24 फ़रवरी को रूसी आक्रमण शुरू होने के बाद पाँचवें महीने से भी ज़्यादा समय हो गया है, व लड़ाई और ज़्यादा सघन हो रही है.

राजनैतिक व शान्तिनिर्माण मामलों की अवर महासचिव रोज़मैरी डीकार्लो ने सुरक्षा परिषद के सदस्य राजदूतों को सम्बोधित करते हुए, ख़ासतौर से काला सागर अनाज निर्यात समझौते का ज़िक्र किया जिसे उन्होंने युद्ध के दौरान एक चमकती रौशनी क़रार दिया. अलबत्ता शान्ति की सम्भावनाओं के लिये बहुत कम सम्भावनाओं का भी ज़िक्र किया.

रोज़मैरी डीकार्लो ने कहा, “अनाज निर्यात समझौता एक संकेत है कि इनसानी तकलीफ़ों को दूर करने की तलाश में, पक्षों के दरम्यान सम्वाद सम्भव है.”

उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र इस अनाज निर्यात समझौते के क्रियान्वयन में सहयोग के लिये, हर सम्भव प्रयास कर रहा है. ग़ौरतलब है कि इस समझौते पर शुक्रवार, 22 जुलाई को तुर्कीये के इस्तान्बूल शहर में दस्तख़त किये गए थे.

कूटनैतिक प्रयासों की दरकार

रोज़मैरी डीकार्लो ने कहा कि यूक्रेन युद्ध के वैश्विक प्रभाव बिल्कुल स्पष्ट हैं, और यह भी रेखांकित किया कि युद्ध के और ज़्यादा लम्बे चलने पर नतीजों की गम्भीरता नज़र आएगी, विशेष रूप में सर्दियों के मद्देनज़र.

उन्होंने सुरक्षा परिषद को बताया, “अनाज व उर्वरक निर्यात पर उत्साहजनक घटनाक्रम के बावजूद, युद्ध समाप्त करने के कूटनैतिक प्रयासों की सार्थक पुनर्बहाली के बारे में, हम गम्भीर रूप से चिन्तित हैं.”

“किसी भी पक्ष की तरफ़ से भड़काऊ बयानबाज़ी का कार्रवाई, जिसमें युद्ध का भौगोलिक दायरा बढ़ाना या यूक्रेन को उसकी सम्प्रभुता से वंचित करना भी शामिल है, इस्तान्बूल में नज़र आई रचनात्कम भावना से मेल नहीं खाती है.”

हमले लगातार जारी

तुर्कीये के इस्तान्बूल शहर में - काला सागर अनाज निर्यात समझौते पर दस्तख़त किये जाने के दौरान, यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश(बाएँ) और तुर्कीये के राष्ट्रपति रेसेप तैयप अर्दोगान (दाएँ) 22 जुलाई 2022.
UNIC Ankara/Levent Kulu
तुर्कीये के इस्तान्बूल शहर में - काला सागर अनाज निर्यात समझौते पर दस्तख़त किये जाने के दौरान, यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश(बाएँ) और तुर्कीये के राष्ट्रपति रेसेप तैयप अर्दोगान (दाएँ) 22 जुलाई 2022.

रोज़मैरी डीकार्लो ने कहा कि जून के अन्तिम सप्ताह में जब उन्होंने सुरक्षा परिषद को ताज़ा जानकारी से अवगत कराया था, उसके बाद से, रूस द्वारा घातक हमले बिना रुके जारी रहे हैं, जिन्होंने यूक्रेन के अनेक नगरों को मलबे के ढेर में तब्दील कर दिया है. नही

संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार कार्यालय – OHCHR के अनुसार, हताहत हुए लोगों की संख्या भी बढ़ी है. बुधवार, 27 जुलाई तक कुल हताहतों की संख्या 12 हज़ार 272 थी, जिनमें 5 हज़ार 237 लोगों की मौत शामिल है.

सर्दियों का ख़तरा

रोज़मैरी डीकार्लो ने आगाह करते हुए ये भी कहा कि यूक्रेन में ज़मीनी स्तर पर प्रशासनिक ढाँचे में बदलाव की ख़बरें मिल रही हैं जिनमें रूस द्वारा नियंत्रित इलाक़ों में स्थानीय प्रशासनिक इकाइयाँ शुरू करने के प्रयास शामिल हैं, जिन्होंने युद्ध के राजनैतिक परिणामों के बारे में गम्भीर चिन्ताएँ उत्पन्न कर दी हैं.

उन्होंने कहा, “अब जबकि युद्ध एक लम्बे दौर में प्रवेश कर गिया है तो अब ध्यान, इसके दीर्घकालीन मानवीय सहायता, पुनर्बहाली, पुनर्निर्माण, और सामाजिक-आर्थिक प्रभावों की तरफ़ जाने लगा है. गर्मी ख़त्म होकर जल्द ही सर्दियाँ शुरू होने वाली हैं तो उनके लिये तैयारियाँ किये जाने का दबाव बढ़ रहा है.”

“ये दुखद है कि राजनैतिक सम्वाद बिल्कुल ठप हो गया है, जिससे लोगों में ये आशा भी क्षीण हो गई है कि शान्ति की कोई जल्द सम्भावना भी हो सकती है.”

यूएन एजेंसियाँ भी नागरिक ढाँचों के लिये हुए नुक़सान और तबाही का लेखा-जोखा तैयार करने में सक्रिय हैं जिनमें घरों, स्कूलों और स्वास्थ्य सुविधाओं को नुक़सान शामिल है.

रोज़मैरी डीकार्लो ने कहा कि ख़ासतौर पर स्वास्थ्य क्षेत्र को हुआ नुक़सान बहुत चिन्ताजनक है और अभी तक उन पर लगभग 414 हमले हुए हैं, जिनके परिणामस्वरूप 85 लोगों की मौत हुई है और 100 लोग घायल हुए हैं.

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