माली: आम लोगों के जनसंहार पर यूएन प्रमुख 'हतप्रभ और क्रुद्ध'

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने माली में बीते सप्ताह के दौरान सशस्त्र अतिवादियों द्वारा किये गए हमलों में 100 से ज़्यादा आम लोग मारे जाने की ख़बरों पर आक्रोष और क्रोध व्यक्त किया है.

मीडिया ख़बरों के अनुसार, माली के मध्य और दूरदराज़ के उत्तरी इलाक़ों में गत सप्ताहान्त के दौरान विद्रोही लड़ाकों ने बन्दियागारा क्षेत्र में अनेक गाँवों पर हमले किये जिनमें कम से कम 100 लोग मारे गए हैं. 

यह इलाक़ा मोप्ती के नज़दीक है.

माली में यूएन शान्तिरक्षा मिशन (MINUSMA) द्वारा इस सप्ताह के शुरू में जारी किये गए एक वक्तव्य के अनुसार, उन हमलों के दौरान अनेक घर व दुकानें जला दी गईं और हमलों के कारण सैकड़ों आम लोगों को विस्थापित होने के लिये विवश होना पड़ा है.

पूर्वोत्तर में भी गाओ क्षेत्र में अतिवादियों द्वारा किये गए अन्य हमलों में अनेक अन्य लोग भी मारे गए हैं.

अनेक क्षेत्र प्रभावित

यूएन प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने अपने प्रवक्ता के ज़रिये जारी किये गए एक वक्तव्य में कहा है कि वो जीवन के इस नुक़सान पर हतप्रभ हैं, साथ ही देश के अन्य इलाक़ों में भी जान-माल के भारी नुक़सान पर सदमे में हैं. 

मेनका क्षेत्र में हाल के सत्पाहों के दौरान लाखों लोगों को विस्थापित होना पड़ा है.

माली और पूरे मध्य सहेल क्षेत्र में हाल के महीनों के दौरान सशस्त्र चरमपंथियों ने आम लोगों को निशाना बनाकर हमले बढ़ाए हैं जिससे हिंसा बढ़ी है.

ये एक ऐसा मुद्दा है जिसने इस क्षेत्र को वर्षों से अपनी चपेट में ले रखा है, और ये वर्ष 2012 में तब शुरू हुआ था जब इस्लामी विद्रोहियों ने उत्तरी और मध्य इलाक़े पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया था. बाद में सरकारी बलों ने, अन्तरराष्ट्रीय समर्थन के माध्यम से विद्रोह के इस प्रयास को नाकाम किया था.

अतिवादी हिंसा, पड़ोसी देशों - बुर्कीनी फ़ासो और निजेर में भी फैल गई है, जिसके कारण सीमावर्ती क्षेत्र अस्थिर हुए हैं.

मीडिया ख़बरों के अनुसार हाल के सप्ताहों में विद्रोहियों ने उत्तरी शहर गाओ, और दक्षिणी शहर मोप्ती के बीच सड़क मार्गों को अवरुद्ध भी किया है.

गहरी शोक सम्वेदना

यूएन महासचिव ने हाल के समय में जनसंहार का शिकार हुए लोगों के परिवारों और माली के तमाम लोगों के साथ गहरी शोक सम्वेदना व्यक्त की है.

यूएन प्रमुख के वक्तव्य में कहा गया है, “वो इन हमलों की कड़े शब्दों में निन्दा करते हैं और माली सरकार से इन हमलों की त्वरित जाँच कराने व ज़िम्मेदार तत्वों को यथाशीघ्र न्याय के कटघरे में लाने का आग्रह करते हैं.”

यूएन महासचिव ने माली के सैन्य नेतृत्व से देश भर में, शान्ति व स्थिरता बहाल करने के लिये, प्रयास दोगुने करने का भी आग्रह किया है. 

उन्होंने साथ ही, उन प्रयासों को देश में यूएन स्थिरता मिशन का पूरा समर्थन देने के लिये तत्परता भी दोहराई.

माली में यूएन शान्तिरक्षा मिशन ने मंगलवार को एक वक्तव्य में कहा था कि वो शोक की इस घड़ी में देश के साथ है. 

मिशन ने शान्ति के बाद की स्थिति संभालने के लिये क्षेत्रीय अधिकारियों की मदद करने के वास्ते एक प्रारम्भिक कार्यबल भी गठित किया था, जिसका नेतृत्व मिशन की एक एकीकृत टीम कर रही है जिसे मोप्ती से भेजा गया है. 

MINUSMA का कार्रवाई संकल्प

यूएन मिशन ने कहा है, “देश में आम आबादी की मदद करने और उनकी सुरक्षा मज़बूत करने के प्रयासों में, माली सरकार के समर्थन में, अन्य ठोस उपाय भी किये जा रहे हैं.”

“उससे भी ज़्यादा ये मिशन, माली के मध्य इलाक़े में स्थिरता बहाल करने के प्रयास जारी रखेगा, जोकि इस मिशन की रणनैतिक प्राथमिकताओं में से एक है.”

Share this story