मानवता परमाणु विनाश की अस्वीकार्य स्थिति के निकट बनी हुई है, यूएन प्रमुख

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने रविवार को, ‘अन्तरराष्ट्रीय पूर्ण परमाणु शस्त्र उन्मूलन दिवस’ पर कहा है कि हमारी दुनिया से परमाणु हथियारों को जड़ से ख़त्म कर देने, और सम्वाद, विश्वास  शान्ति के एक नए दौर में दाख़िल होने का, अभी बिल्कुल सटीक समय है.

यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा कि परमाणु हथियारों के जोखिम से निपटने का मुद्दा, संयुक्त राष्ट्र के वजूद में आने के समय से ही, इसके कामकाज का केन्द्रीय मुद्दा रहा है.

1946 में यूएन महासभा के प्रथम प्रस्ताव में, देशों के राष्ट्रीय शस्त्रागारों से, परमाणु हथियार व जनसंहार के लिये बनाए गए अन्य तरह के तमाम हथियारों को ख़त्म करने का आहवान किया गया था. 

यूएन प्रमुख ने अलबत्ता, ध्यान दिलाते हुए ये भी कहा कि पिछले दशकों के दौरान, परमाणु शस्त्रों की कुल संख्या में कमी हो रही है, मगर दुनिया भर में लगभग 14 हज़ार परमाणु हथियारों का भण्डार अब भी मौजूद है, जिनके कारण, पिछले लगभग चार दशकों के दौरान सबसे ज़्यादा परमाणु जोखिम सामने है:

“अनेक देश, अपने हथियारों में, गुणवत्ता के साथ सुधार कर रहे हैं, और हमें एक नई हथियार दौड़ के संकेत नज़र आ रहे हैं.”

उन्होंने कहा कि मानवता एक परमाणु विनाश के निकट बनी हुई है, जोकि एक अस्वीकार्य स्थिति है.

सीटीबीटी पर दस्तख़त 

यूएन प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने, इससे पहले गत गुरूवार को, परमाणु टैक्नॉलॉजी से सम्पन्न देशों से, व्यापक परमाणु परीक्षण प्रतिबन्ध सन्धी (सीटीबीटी) पर हस्ताक्षर करने का आहवान किया था. 

ये सन्धि 1996 में पारित की गई थी, और अभी तक इस पर 185 देश दस्तख़त कर चुके हैं.

अलबत्ता, यह सन्धि लागू होने के लिये, 44 ऐसे ख़ास देशों के दस्तख़त और मंज़ूरी की ज़रूरत है जिनके पास परमाणु टैक्नॉलॉजी मौजूद है. 

उनमें से अभी 8 देशों को इस पर हस्ताक्षर करना और इसे मंज़ूरी देना बाक़ी है. इनके नाम हैं - चीन, मिस्र, भारत, ईरान, इसराइल, उत्तर कोरिया (डीपीआरके), पाकिस्तान और अमेरिका.

यूएन प्रमुख ने कहा, “हम इस अनिश्चित या गतिरोध की स्थिति में, बहुत लम्बे समय से हैं.”

आशा के संकेत

एंतोनियो गुटेरेश के अनुसार, हालाँकि रूस और अमेरिका द्वारा – सामरिक शस्त्रों में कमी लाने वाली सन्धि – START को आगे बढ़ाने के फ़ैसले में, उम्मीद के संकेत नज़र आते हैं.

उन्होंने कहा कि जनवरी 2021 में लागू हुई, परमाणु हथियार प्रतिबन्ध सन्धि भी एक स्वागत योग्य क़दम है.

यूएन महासचिव ने कहा कि इन सकारात्मक घटनाक्रमों के आधार पर उपाय आगे बढ़ाने की ज़िम्मेदारी, सदस्य देशों पर है.

उन्होंने जनवरी 2022 में आयोजित होने वाले, परमाणु हथियार अप्रसार सन्धि पर समीक्षा सम्मेलन - कॉप को, सभी देशों द्वारा, परमाणु हथियारों का प्रयोग रोकने और ऐसे हथियारों के उन्मूलन के लिये वास्तविक उपाय करने के वास्ते, एक महत्वपूर्ण अवसर क़रार दिया.

एंतोनियो गुटेरेश ने कहा, “अब सही समय है – सबकी भलाई की ख़ातिर, धुन्ध के इस बादल को हटा देने का, और सभी लोगों की ख़ातिर, सम्वाद, विश्वास व शान्ति का एक नया दौर शुरू करने का.”

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