माँ से बच्चे को एचआईवी व सिफ़लिस संक्रमण – रोकथाम के लिये सस्ते परीक्षण उपलब्ध

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि माताओं से बच्चों में होने वाले एचआईवी व सिफ़लिस संक्रमण की रोकथाम के लिये, अब एक डॉलर से भी कम क़ीमत वाली दोहरी परीक्षण किट उपलब्ध हैं. अनेक देशों में गर्भवती महिलाओं के लिये, आसानी से इस्तेमाल की जाने वाली इस टैस्ट किट की उपलब्धता बढ़ाने के प्रयास किये जा रहे हैं. 

‘क्लिंटन स्वास्थ्य सुलभता पहल’ (Clinton Health Access Initiative/CHAI), मैडएक्सेस (MedAccess) और एसडी बायोसैंसर (SD Biosensor) नामक संगठनों के बीच एक नई साझेदारी के ज़रिये, इन परीक्षण किटों की क़ीमतें कम रखने में मदद मिली है.  

हर वर्ष, एचआईवी की अवस्था में जीवन जी रहीं क़रीब 13 लाख महिलाएँ, गर्भधारण करती हैं, और लगभग 10 लाख गर्भवती महिलाएँ, सिफ़लिस से संक्रमित होती हैं.  

किफ़ायती रोग निदानों और उपचारों की उपबल्धता के बावजूद, बड़ी संख्या में माताओं और उनके बच्चों में इन संक्रमणों का पता नहीं चल पाता है.

समुचित उपचार के अभाव में उनके जीवन पर असर पड़ता है.  

उत्साहजनक प्रगति

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, त्वरित निदान में सहायक परीक्षण किट (rapid diagnostic tests) को इस्तेमाल करना आसान है.

इससे सेवाओं को एकीकृत करने और बेहतर सामंजस्य स्थापित करने में भी मदद मिलेगी.

साथ ही, अनेक अन्य देशों में माताओं से बच्चों को होने वाले एचआईवी एवं सिफ़लिस के संक्रमण का उन्मूलन कर पाना भी सम्भव होगा.

एचआईवी-एड्स के ख़िलाफ़ वैश्विक मुहिम का प्रतीक - लाल रिबन.
Public Health Alliance/Ukraine
एचआईवी-एड्स के ख़िलाफ़ वैश्विक मुहिम का प्रतीक - लाल रिबन.

यूएन स्वास्थ्य एजेंसी में एचआईवी, हैपेटाइटिस और यौन संचारित रोग कार्यक्रमों की निदेशक मेग डोअर्टी ने कहा कि नई क़ीमतों का सामने आना उत्साहजनक है. 

“इससे और अधिक देशों को दोहरी एचआईवी व सिफ़लिस टैस्टिंग को अपनाने और माताओं से बच्चों में होने वाले एचआईवी और सिफ़लिस के संचारण के उन्मूलन में प्रगति की रफ़्तार तेज़ करने, और अहम आबादियों के लिये सेवाएँ पहुँचाने में मदद मिलेगी, जहाँ दोनों संक्रमण आम हैं.”

सिफ़ारिशें

वर्ष 2019 से, यूएन स्वास्थ्य संगठन ने इन परीक्षणों के इस्तेमाल की अनुशंसा की है. 

ना सिर्फ़ प्रसव से पहले देखभाल के दौरान, ताकि माँ से बच्चे में बीमारी को फैलने से रोका जा सके, बल्कि ख़र्चों में कटौती के एक रास्ते के रूप में भी.

अब तक, यूएन एजेंसी ने एचआईवी और सिफ़लिस के लिये तीन अलग-अलग, दोहरे त्वरित टैस्ट को शुरुआती स्वीकृति दी है. अनेक देशों ने ये सिफ़ारिशें अपनाई हैं और अब परीक्षण शुरू कर रहे हैं, विशेष रूप से अफ़्रीकी क्षेत्र में.

विश्व स्वास्थ्य एजेंसी के एक अनुमान के अनुसार, पिछले वर्ष बड़े दानदाताओं व देशों की सरकारों ने ऐसी 50 लाख से ज़्यादा परीक्षण किटें ख़रीदी थीं. इस आँकड़े में बढ़ोत्तरी की सम्भावना व्यक्त की गई है. 

उदाहरणस्वरूप, नाइजीरिया में वर्ष 2019 में एक पायलट कार्यक्रम शुरू किया गया और अब इसे राष्ट्रीय स्तर पर लागू किये जाने की तैयारी की जा रही है. 

देश में आगामी वर्ष में 40 लाख परीक्षण किटें वितरित किये जाने की योजना है. इस महत्वपूर्ण प्रगति के बावजूद, वैश्विक स्तर पर एचआईवी और सिफ़लिस के लिये, प्रसव से पहले त्वरिट परीक्षण अभी पर्याप्त नहीं है. 

महज़ 23 प्रतिशत देशों ने ही इस सिलसिले में एक राष्ट्रीय नीति होने की जानकारी दी है. 

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