महासचिव ने यूक्रेन की जनता के लिये समर्थन बढ़ाने का संकल्प जताया

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने यूक्रेन को असहनीय व्यथा और पीड़ा का केंद्र क़रार देते हुए भरोसा दिलाया है कि संयुक्त राष्ट्र, देश में लाखों ज़रूरतमन्दों तक सहायता सुनिश्चित करने और राहत प्रयासों का दायरा बढ़ाने के लिये संकल्पित है. यूएन प्रमुख ने गुरूवार को राजधानी कीयेफ़ में यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेन्स्की के साथ एक प्रैस वार्ता को सम्बोधित करते हुए युद्ध का अन्त किये जाने की पुकार दोहराई है. 

महासचिव गुटेरेश ने गुरूवार को पत्रकारों को जानकारी देते हुए कहा कि वह उन रास्तों पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं, जिनके ज़रिये यूएन, यूक्रेन की जनता के लिये समर्थन बढ़ा सकता है.

उनका ध्यान ज़िन्दगियों की रक्षा करने, पीड़ाओं में कमी लाने और शान्ति के लिये रास्ते की तलाश करना है. 

ख़बरों के अनुसार, इस प्रैस वार्ता के कुछ ही देर बाद दो मिसाइल धमाकों ने शहर को दहला दिया, जोकि ध्यान दिलाता है कि आस-पास के इलाक़ों से रूसी सैन्य बलों की वापसी के बावजूद युद्ध अभी ख़त्म नहीं हुआ है. 

शहर के पश्चिमोत्तर इलाक़े में हुए इन मिसाइल हमलों में एक व्यक्ति की मौत हुई है और अनेक घायल हुए हैं. कुछ लोगों के दो बहुमंज़िला इमारतों के मलबे में दबे होने के समाचार हैं.

यूएन प्रमुख ने कहा, “मैं चाहता हूँ कि यूक्रेन के लोग ये जानें कि दुनिया आपको देखती है, आपको सुनती है और आपकी सहनक्षमता व संकल्प से प्रभावित है.”

“मैं ये भी जानता हूँ कि एकजुटता के ये शब्द पर्याप्त नहीं है. मैं यहाँ पर ज़मीनी स्तर पर ज़रूरतों पर ध्यान केंद्रित करने और अभियान का स्तर बढ़ाने के लिये आया हूँ.”

“इस युद्ध का अन्त करना होगा, और संयुक्त राष्ट्र चार्टर व अन्तरराष्ट्रीय क़ानून के अनुरूप शान्ति की स्थापना की जानी होगी.”

महासचिव ने कहा कि अनेक नेताओं ने लड़ाई को रोकने के लिये प्रयास किये हैं, मगर वे अभी तक फलीभूत नहीं पाए हैं. 

“मैं यहाँ आपसे और यूक्रेन की जनता से यह कहने के लिये आया हूँ: हम प्रयास करना नहीं छोड़ेंगे.”

मारियुपोल में संकटमय हालात

यूएन के शीर्षतम अधिकारी ने चिन्ता जताई कि तबाह हो चुके बन्दरगाह शहर, मारियुपोल में हज़ारों आमजन और लड़ाके अब भी मौजूद हैं, और उन्हें तत्काल मानवीय राहत गलियारे की आवश्यकता है, ताकि वे ऐज़ोवस्टाल स्टील प्लांट परिसर से किसी तरह बाहर निकल सकें.

“मारियुपोल एक संकट के भीतर संकट है. हज़ारों आम नागरिकों को जीवनरक्षक सहायता की ज़रूरत है.”

उन्होंने बताया कि बहुत से लोग बुज़ुर्ग हैं, जिन्हें चिकित्सा देखभाल की आवश्यकता है या उनके चलने-फिरने की क्षमता सीमित है. इस तबाही से बचने के लिये उन्हें एक रास्ता मुहैया कराये जाने की ज़रूरत है.

यूएन प्रमुख ने ध्यान दिलाया कि मंगलवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन के साथ एक मुलाक़ात में, मारियुपोल से आम नागरिकों की सुरक्षित निकासी में यूएन और रैड क्रॉस को शामिल करने के लिये, रूस ने सैद्धान्तिक रूप से सहमति व्यक्त की थी.

“आज, राष्ट्रपति ज़ेलेन्स्की और मुझे इस मुद्दे को सुलटाने का अवसर मिला है.” महासचिव ने बताया कि इस प्रस्ताव को वास्तविकता में बदलने के लिये गहन चर्चा जारी है.

यूएन प्रमुख ने गुरूवार को इरपिन का दौरा किया.
UN Photo/Eskinder Debebe
यूएन प्रमुख ने गुरूवार को इरपिन का दौरा किया.

सुरक्षा परिषद की विफलता

यूएन महासचिव ने कहा कि सुरक्षा परिषद का प्राथमिक लक्ष्य, युद्ध की रोकथाम करना या उसका अन्त करना है, मगर यह इस दायित्व को पूरा करने में विफल साबित हुई है.

“यह एक बड़ी निराशा, हताशा और क्रोध का कारण है.”

मगर, उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र कर्मचारी हर दिन यूक्रेन में साहसी स्थानीय संगठनों के साथ जनता के लिये सेवारत हैं.

“मैं संयुक्त राष्ट्र के 1,400 से अधिक कर्मचारियों का अभिवादन करता हूँ, जिनमें से अधिकाँश यूक्रेनी नागरिक हैं. वे 9 अभियान संचालन केंद्रों और 30 स्थानों पर ज़मीनी पर मौजूद हैं.”

यूएन प्रमुख ने बताया कि राहत अभियान जटिल है, और इसका दायरा व स्तर बेहद तेज़ गति से बढ़ाया गया है, लेकिन यह एहसास भी है कि सभी कुछ आदर्श नहीं है. 

“हम जो कुछ भी प्रदान करते हैं, वह ज़रूरतों की तुलना में फीका पड़ जाता है.” 

इसके मद्देनज़र, उन्होंने यूक्रेन सरकार के साथ समन्वय के ज़रिये रास्ते के हर क़दम पर अधिक प्रयासों का संकल्प लिया है.

महासचिव एंतोनियो गुटेरेश यूक्रेन की राजधानी कीयेफ़ में मीडिया को जानकारी दे रहे हैं.
UN Photo/Eskinder Debebe
महासचिव एंतोनियो गुटेरेश यूक्रेन की राजधानी कीयेफ़ में मीडिया को जानकारी दे रहे हैं.

लाखों के लिये समर्थन

उन्होंने कहा कि यूक्रेन में जीवनदायी मानवीय सहायता अब तक 34 लाख लोगों तक पहुँचाई जा चुकी है, और अगस्त महीने तक 87 लाख ज़रूरतमन्दों की मदद करने का लक्ष्य है.

यूएन प्रमुख के मुताबिक़, नक़दी सहायता का दायरा बढ़ाया जा रहा है, और संयुक्त राष्ट्र प्रति महीने 10 करोड़ डॉलर वितरित कर रहा है.

अब तक 23 लाख लोगों के लिये खाद्य सहायता सुनिश्चित की गई है, और इसे मई तक बढ़ाकर 40 लाख, और जून तक 60 लाख किये जाने की योजना है.

यूएन प्रमुख ने कहा कि यूक्रेन की सीमाओं के भीतर विस्थापित 77 लाख लोगों की ज़रूरतों को पूरा करने के लिये यूएन की क्षमता में विस्तार किया जाएगा.

विश्व स्वास्थ्य संगठन, चोट एवं सदमा और आपात देखभाल को ध्यान में रखते 70 लोगों से अधिक लोगों के लिये चिकित्सा सामग्री की आपूर्ति कर रहा है

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