बोसनिया हरज़ेगोविना के लिये एकता अहम, एक अन्य योरोपीय युद्ध 'असम्भव नहीं'

बोसनिया हरज़ेगोविना के लिये संयुक्त राष्ट्र के दूत क्रिश्चियन शिमित्त ने सुरक्षा परिषद में कहा है कि देश में बढ़ते तनावों, कई महीनों से जारी राजनैतिक गतिरोध और योरोप में एक अन्य संघर्ष भड़कने के बारे में बढ़ती क़यासबाज़ी के मद्देनज़र, अन्तरराष्ट्रीय समुदाय को एक शान्तिपूर्ण और एकीकृत बोसनिया हरज़ेगोविना के समर्थन में मज़बूती से खड़ा होना होगा.

देश के लिये संयुक्त राष्ट्र के उच्च प्रतिनिधि क्रिश्चियन शिमित्त ने बुधवार को सुरक्षा परिषद में बताया कि शान्ति के लिये एक आम समझौते -  (Dayton Accords) पर दस्तख़त होने के 26 वर्ष बाद, सर्वसाधारण एक बार फिर, एक अन्य लड़ाई या युद्ध की चर्चा कर रहे हैं जिससे भड़काऊ घटनाओं का जोखिम उत्पन्न हो गया है.

उन्होंने ज़ोर देकर कहा, ज़्यादा दूर नहीं, यूक्रेन में ही, युद्ध ये पक्की याद दिलाता है कि 21वीं शताब्दी में भी, योरोपीय धरती पर एक और युद्ध, असम्भव नहीं है.

राष्ट्रीय क़ानूनों की अनदेखी

विशेष दूत क्रिश्चियन शिमित्त ने मुख्य चुनौतियाँ गिनाते हुए कहा कि देश के सर्ब बहुल क्षेत्र रिपब्लिका सर्पस्का में अधिकारियों ने लगातार ऐसी भड़काऊ बयानबाज़ी और कार्रवाइयाँ की हैं जिनसे संवैधानिक ढाँचा ही ख़तरे में पड़ सकता है.

इन गतिविधियों में राष्ट्रीय क़ानूनों को लागू नहीं करने के प्रयास भी शामिल हैं जिसका मतलब देश की एकीकृत सेनाओं से रिपब्लिका के बाहर निकल जाने में भी निकल सकता है.

विशेष दूत ने कहा कि इस तरह के बदलाव इकतरफ़ा रूप में नहीं किया जा सकते हैं, और उनसे बोसनिया हरज़ेगोविना की क्षेत्रीय अखण्डता के लिये ही जोखिम उत्पन्न होता है.

उन्होंने साथ ही कहा कि अन्तरराष्ट्रीय समुदाय की ये ज़िम्मेदारी है कि वो डेयटन समझौते और देश के तीन विभिन्न समूहों के लोगों के अधिकारों की रक्षा करे.

योरोपीय एकीकरण

उच्च प्रतिनिधि ने बोसनिया हरज़ेगोविना की एकता के लिये, अन्तरराष्ट्रीय समर्थन की सराहना भी की, जिसमें अनेक देशों की सरकारों द्वारा लगाए गए लक्षित प्रतिबन्ध भी शामिल हैं.

उन्होंने कहा, हम ऐसे में किस तरह हाथ पर हाथ धरकर बैठ सकते हैं जब कुछ तत्व 26 वर्षों की शान्ति, स्थिरता और प्रगति को छिन्न-भिन्न करने पर तुले हुए हैं.

उन्होंने बोसनिया हरज़ेगोविना के योरोपीय संघ (EU) की सदस्यता हासिल करने की सम्भावना का सन्दर्भ देते हुए, देशों के इस समूह से आग्रह किया कि वो इस देश और अन्य पश्चिमी बालकन देशों के लिये अपने दरवाज़े खुले रखे.

उन्होंने ये भी कहा कि बोसनिया हरज़ेगोविना के योरोपीय संघ में शामिल होने से परेशानियों व शिकायतों को दूर करने और शान्ति व स्थिरता का एक रास्ता तैयार करने में मदद मिल सकती है.

बोसनिया हरज़ेगोविना में हालात पर सुरक्षा परिषद की बैठक.
UN Photo/Loey Felipe
बोसनिया हरज़ेगोविना में हालात पर सुरक्षा परिषद की बैठक.

अलगाववादी ख़तरे

बोसनिया हरज़ेगोविना के राष्ट्रपति कार्यालय के चेयरपर्सन सेफ़िक द्ज़ाफ़ेरोविच ने भी अपने देश की तरफ़ से, सुरक्षा परिषद की बैठक में शिरकत की.

उन्होंने उच्च प्रतिनिधि की रिपोर्ट को तथ्यपरक बताते हुए इस पर सहमति जताई कि पिछले 10 महीनों के दौरान, उनके देश ने ऐसे गहरे राजनैतिक संकट देखे हैं जो अलगाववादी जोखिमों से उत्पन्न हुए. इनमें रिपब्लिका सर्पस्का द्वारा संस्थानों में गतिरोध उत्पन्न करना और अन्य गतिविधियाँ शामिल हैं.

उन्होंने ध्यान दिलाते हुए कहा कि बोसनिया हरज़ेगोविना के पास इस तरह की अलगाववादी गतिविधियों की रोकथाम के लिये पूर्ण विकसित व्यवस्था और प्रणालियाँ नहीं हैं, इसलिये उन्होंने इस मुद्दे पर, अन्तरराष्ट्रीय समुदाय के पूर्ण समर्थन का आग्रह किया.

उन्होंने कहा कि मौजूदा भूराजनैतिक स्थिति को देखते हुए, हम यूक्रेन पर हुए हमले के गहन परिणाम महसूस कर रहे हैं. इसलिये इस सन्दर्भ में उन्होंने योरोपीय संघ से, देश की सदस्यता के आवेदन पर सकारात्मक रूप से विचार करने का आग्रह किया.

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