फ़िलिपीन्स: सुपर टाइफ़ून ‘राई’ से भीषण तबाही, प्रभावितों तक राहत पहुँचाने के प्रयास

फ़िलिपीन्स में शक्तिशाली चक्रवाती तूफ़ान, ‘सुपर टाइफ़ून राई’ से बड़े पैमाने पर तबाही होने की ख़बरों के बीच, संयुक्त राष्ट्र एजेंसियाँ, ज़रूरतमन्दों व प्रभावितों तक सहायता पहुँचाने के कार्य में हाथ बँटा रही हैं. इस आपदा से 18 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं और अब तक 200 से ज़्यादा लोगों की मौत होने की पुष्टि हुई है.

फ़िलिपीन्स में संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष मानवीय राहत समन्वयक गुस्तावो गोन्ज़ालेज़ ने सोमवार को बताया कि राहत समीक्षा दल, पिछले सप्ताहाँत सुपर टाइफ़ून से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों व समुदायों तक पहुँचा. 

टाइफ़ून राई के दौरान, लगातार 195 किलोमीटर प्रति घण्टे की रफ़्तार से हवाएँ चलीं, मध्य द्वीपीय प्रान्तों में 270 किलोमीटर प्रति घण्टे की गति वाले हवा के तेज़ झोंके महसूस किये गए.

फ़िलिपीन्स में यूएन के शीर्ष राहत अधिकारी का दायित्व, यूएन एजेंसियों, ग़ैर-सरकारी संगठनों और निजी क्षेत्र के साझीदारों के बीच समन्वय सुनिश्चित करना है.

ये सभी एजेंसियाँ व संगठन, फ़िलिपीन्स सरकार के साथ मिलकर, तूफ़ान प्रभावितों के लिये आश्रय, स्वास्थ्य, भोजन, संरक्षण व अन्य जीवनदायी सेवाएँ पहुँचाने में जुटी हैं. 

उन्होंने अग्रिम मोर्चे पर डटे सरकारी कर्मचारियों, सशस्त्र बलों, रैड क्रॉस और अन्य लोगों के पेशेवराना कार्यशैली की सराहना की है,

जिन्होंने विकट परिस्थितियों में लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुँचाने, तलाश एवं बचाव अभियान में सहायता प्रदान की है.

प्राप्त समाचारों के अनुसार, पिछले गुरूवार को आई इस विनाशकारी आपदा से 18 लाख लोग प्रभावित हुए हैं, 208 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की गई है. 

भूस्खलन व बाढ़

यूएन एजेंसियों ने व्यापक पैमाने पर आई बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं के मद्देनज़र, हताहतों का आँकड़ा बढ़ने की आशंका जताई गई है.

राहत मामलों के प्रमुख ने कहा, “यूएन और मानवीय राहत देशीय टीम की ओर से, फ़िलिपीन्स की जनता के लिये हमारा सन्देश, एकजुटता व समर्थन का है.”

“हम सरकारी प्राधिकरण के साथ तालमेल के ज़रिये समय रहते समर्थन सुनिश्चित कर रहे हैं, और सर्वाधिक निर्बलों की आवश्यकताओं को पूरा करने के और महत्वपूर्ण ख़ामियों को दूर करने के लिये पूर्ण रूप से लामबन्द हैं.”

बताया गया है कि देश के मध्य इलाक़ों को अपनी चपेट में लेने वाले ‘सुपर टाइफ़ून’ की गम्भीरता के मद्देनज़र, तीन लाख लोगों को सुरक्षित स्थान पर भेजा गया था. 

इस क्रम में, उनकी भोजन, स्वच्छ जल, शरण, ईंधन, साफ़-सफ़ाई किट, दवा और संरक्षण ज़रूरतों को पूरा किये जाने की आवश्यकता पर बल दिया है. 

इससे पहले, नवम्बर 2013 में फ़िलिपीन्स में टाइफ़ून हाययान में भीषण तबाही हुई थी और उस आपदा में छह हज़ार से अधिक लोगों की मौत हुई थी.

हर साल, फ़िलिपीन्स को नियमित भूकम्पों, ज्वारीय बाढ़, 21 सक्रिय ज्वालामुखी के जोखिमों के अलावा, औसतन 25 टाइफ़ूनों का सामना करना पड़ता है. 

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