न्यायोचित व टिकाऊ जगत के निर्माण के लिये युवजन पर भरोसा – अन्तरराष्ट्रीय शान्ति दिवस

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने ‘अन्तरराष्ट्रीय शान्ति दिवस’ के अवसर पर आयोजित एक वर्चुअल कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि एक ज़्यादा शान्तिपूर्ण दुनिया को आकार देने में युवजन की आवाज़, दर्शन और संकल्प को रेखांकित किया है. 

महासचिव गुटेरेश ने ऑनलाइन कार्यक्रम में शिरकत कर रहे युवाओं से कहा, “आप नेता, बदलाव के वाहक और हमारे समाजों के पैरोकार हैं जो हिंसा, भेदभाव और विषमता के विरुद्ध बोल रहे हैं, विश्व भर में हिंसक टकरावों के अन्त की पुकार लगा रहे हैं और जलवयु पर तत्काल कार्रवाई के लिये प्रयासों की अगुवाई कर रहे हैं. 

यूएन प्रमुख ने शुक्रवार को एक टिकाऊ और न्यायोचित विश्व के लिये बेहतर पुनर्बहाली के विषय पर आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया.

उन्होंने युवाओं से 24 घण्टे के लिये वैश्विक युद्धविराम की यूएन की अपील को समर्थन देने का आग्रह किया, और कहा क सभी युद्धरत पक्षों को एक स्थाई व सतत व शान्ति के लिये प्रतिबद्धता दर्शानी होगी.  

महासचिव गुटेरेश के मुताबिक़ धनी व निर्धेन देशों के बीच टीकाकरण की खाई को पाटने के लिये युवाओं को सरकारों व अन्य नेताओं पर ज़ोर डालते रखना होगा.

साथ ही पृथ्वी को अपनी चपेट में लेती जा रही जलवायु आपात स्थिति पर ख़तरे की घण्टी को बजाते रहना होगा. 

महासचिव ने कहा कि हम जिस तरह देशों के बीच और देशों के भीतर शान्ति की चाह रखते हैं, वैसे ही हमें अपने ग्रह के साथ शान्ति को स्थापित करना होगा. 

“चरम मौसम, पिघलते ग्लेशियर, बढ़ता समुद्री जलस्तर, और प्रदूषित हवा व जल हमारे अस्तित्व के लिये एक ख़तरा है.”

अपनी समापन टिप्पणी में उन्होंने युवजन से कहा कि बेहतर व मज़बूत ढँग से उबरने में दुनिया की मदद की जानी होगी और सभी के लिये एक टिकाऊ जगत का निर्माण करना होगा. 

मानवता के लिये संकट

इससे पहले, अन्तरराष्ट्रीय शान्ति दिवस के अवसर पर जारी अपने सन्देश में, यूएन प्रमुख ने सचेत किया है कि मानवता के सामने शान्ति और अनवरत जोखिमों के बीच विकल्प को चुनना है, और हमें शान्ति को चुनना होगा. 

उन्होंने कोविड-19 पर गम्भीर हालात की तस्वीर को उकेरते हुए कहा कि इसने दुनिया को उलटपुलट कर रख दिया है, हिंसक टकराव बेक़ाबू हो रहे हैं, जलवायु आपात स्थिति बदतर हो रही हैं, विषमताएँ व निर्धनता गहरी हो रही हैं.  

महासचिव गुटेरेश ने कहा कि दुनिया को इन मुद्दों से निपटने के लिये एकजुटता से काम करने की ज़रूरत है ताकि हर दिन एक स्थाई, टिकाऊ शान्ति को सुनिश्चित किया जा सके.

यूएन प्रमुख के अनुसार शान्ति, कोई नासमझ सपना नहीं है, बल्कि अन्धकार में रौशनी है, जो कि मानवता के एक बेहतर भविष्य का रास्ता दिखाती है. 

Share this story