डैग हैमर्सहोल्ड ने लोक सेवा के सर्वोच्च मानक निर्धारित किये

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने, पूर्व महासचिव डैग हैमर्सहोल्ड के निधन की 60वीं वर्षगाँठ के मौक़े पर, गुरूवार को एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया. मौजूदा महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने इस कार्यक्रम के दौरान ध्यान दिलाया कि डैग हैमर्सहोल्ड के निधन के साथ, दुनिया ने “शान्ति का एक पुरोधा सेवक” और संयुक्त राष्ट्र ने एक बेहतरीन व महान पदाधिकारी” खो दिया था.

स्वीडन पृष्भूमि के कूटनीतिज्ञ डैग हैमर्सहोल्ड को 1953 में, संयुक्त राष्ट्र का महासचिव नियुक्त किया गया था और उस समय उनकी उम्र केवल 47 वर्ष थी. 

संयुक्त राष्ट्र के इस शीर्ष पद पर नियुक्त होने वाले, वो सबसे कम उम्र के व्यक्ति थे. 

अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान, 18 सितम्बर 1961 को, एक विमान दुर्घटना में उनकी मृत्यु हो गई थी. वो उस विमान में, काँगो में युद्धविराम के लिये बातचीत में शिरकत करने के लिये जा रहे थे.

इस वर्ष के स्मृति कार्यक्रमों में, डैग हैमर्सहोल्ड की उपलब्धियों पर ख़ास ध्यान दिया गया है और उनके सर्वोच्च बलिदान को भी श्रद्धांजलि अर्पित की गई है. 

साथ ही, उनकी चिरकालीन विरासत पर भी ग़ौर किया गया है. 

अथक कामकाजी

एंतोनियो गुटेरेश की नज़र में, डैग हैमर्सहोल्ड, अपने आप में एक महान हस्ती और प्रेरणा के स्रोत थे.

यूएन प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने याद करते हुए कहा, “डैग हैमर्सहोल्ड की बुद्धिमत्ता और मानवीय नज़रिया, उनकी अटूट सत्यनिष्ठा व अपने कर्तव्य और ड्यूटी के लिये अगाध समर्पण जैसे मूल्यों ने, लोक सेवा क्षेत्र के लिये सर्वोच्च मानक तय किये.”

उन्होंने कहा, “वो एक अथक कामकाजी व्यक्ति और चतुर कूटनीतिज्ञ से कहीं ज़्यादा थे; वो एक व्यापक संस्कृति, मेधा और सम्वेदनशील बुद्धि से भरपूर व्यक्ति थे. और संस्कृति के लिये उनकी इसी गहन और व्यापक रुचि ने, उन्हें अपनी पीढ़ी का एक अग्रणी कूटनीतिज्ञ बनाने में मदद की.”

संयुक्त राष्ट्र के पूर्व महासचिव डैग हैमर्सहोल्ड, मार्च 1954 के दौरान मुख्यालय इमारत में.
UN Photo/MB
संयुक्त राष्ट्र के पूर्व महासचिव डैग हैमर्सहोल्ड, मार्च 1954 के दौरान मुख्यालय इमारत में.

यूएन प्रमुख ने याद करते हुए बताया कि डैग हैमर्सहोल्ड लगभग आधा दर्जन भाषाएँ बोल सकते थे, मगर उससे भी ज़्यादा वो शायद, एक साझा इनसानियत की भाषा में माहिर थे – जो विविधता को एक समृद्धि मानते थे, सम्वाद, सहिष्णुता और आपसी समझ को प्रोत्साहित करते थे.

उन्होंने कहा कि स्वीडन मूल के कूटनीतिज्ञ डैग हैमर्सहोल्ड ने, संयुक्त राष्ट्र के कुछ अति महत्वपूर्ण आदर्शों को आगे बढ़ाया, जो,उनकी मृत्यु के बाद भी प्रमुखता से चमक रहे हैं. 

इनमें मानवाधिकारों को प्रमुखता के केन्द्र में रखना और रोकथाम रणनीति पर ध्यान केन्द्रित किया जाना शामिल हैं. “ये आदर्श आज भी संयुक्त राष्ट्र को सही दिशा में आगे बढ़ने के लिये पथप्रदर्शक की भूमिका निभा रहे हैं.”

नज़रिया और प्रगति

डैग हैमर्सहोल्ड ने यूएन प्रमुख के रूप में अपने दो कार्यकालों के दौरान, संयुक्त राष्ट्र के पहले शान्तिरक्षा बलों की सृजन प्रक्रिया का नेतृत्व किया जोकि मिस्र और काँगो में भेजे गए थे. उन्होंने साथ ही कूटनैतिक संकटों को टालने या उनका समाधान निकालने में भी भूमिका निभाई.

यूए महासभा के अध्यक्ष वोल्कान बोज़किर ने भी इस कार्यक्रम में कहा कि डैग हैमर्सहोल्ड ने एक नई स्वतंत्र और पेशेवर अन्तरराष्ट्रीय सिविल सेवा की शुरुआत करके, यूएन सचिवालय में नई जान फूँकी, जोकि उन लोगों की ज़रूरतों को पूरा करने के लिये प्रतिबद्ध हैं, ये संगठन, जिनकी सेवा करने के लिये मौजूद है. 

वोल्कान बोज़किर की नज़र में, डैग हैमर्सहोल्ड ने एक ऐसे पद पर सफलतापूर्वक काम किया जिसे, बहुत से लोग बहुत कठिन पद मानते हैं.

उन्होंने कहा, “अलबत्ता, उन्होंने मौजूदा और आने वाली पीढ़ियों को युद्ध के दंश से बचाने में, संयुक्त राष्ट्र की क्षमता में, सदैव अपना विश्वास ज़ाहिर किया, एक ऐसी भूमिका, जिसे बहुत से लोग एक असम्भव काम मानते थे.”

यूएन प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने कहा कि डैग हैमर्सहोल्ड, संयुक्त राष्ट्र के लिये एक ऐसा दृष्टिकोण और नज़रिया रखते थे कि वो इनसानियत की सर्वाधिक उदार नब्ज़ों और धड़कनों का पैमाना और वाहन बने, और यथार्थ रूप में इन्हें आगे बढ़ाए.

डैग हैमर्सहोल्ड की याद में, गुरूवार को, न्यूयॉर्क स्थिति यूएन मुख्यालय में एक पुष्प अर्पण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया जिसमें यूएन प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश के साथ-साथ अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों ने शिरकत की.

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