डीआरसी में यूएन शान्तिरक्षकों पर हमले की तीखी निन्दा

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने काँगो लोकतांत्रिक गणराज्य में यूएन स्थिरता मिशन (MONUSCO) में सेवारत यूएन शान्तिरक्षकों पर, मंगलवार को हिंसक प्रदर्शनों के दौरान किये गए हमले की तीखी निन्दा की है. ये हमला मिशन के मुख्यालय पर है जिसमें भारत के दो पुलिस अधिकारियों और मोरक्को के एक शान्तिरक्षक की मौत हो गई. मिस्र के एक पुलिस अधिकारी के घायल होने की भी ख़बर है.

ख़बरों के अनुसार देश के उत्तरी कीवू क्षेत्र में मंगलवार को भी दूसरे दिन प्रदर्शन जारी रहने के दौरान कम से कम 15 लोग मारे गए हैं.

ये प्रदर्शन सोमवार को शुरू हुए थे और प्रदर्शनकारी, संयुक्त राष्ट्र को सशस्त्र गुटों द्वारा हमलों में बढ़ोत्तरी को रोकने में नाकामी के लिये दोष दे रहे हैं. ये सशस्त्र गुट, इस इलाक़े में दशकों से सक्रिय रहे हैं.

हिंसा में उछाल

संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) के अनुसार, डीआरसी में हाल के वर्षों में हिंसा के कारण लाखों लोग विस्थापित हुए हैं, और देश के पूरे पूर्वी क्षेत्र में हुए हमलों में, केवल जून महीने के दौरान ही 97 आम लोग मारे गए.

इन घटनाओं में अपहरण, लूटपाट, और घरों को जलाया जाना शामिल है.

देश के भीतर ही विस्थापित हुए लोगों के लिये बनाए गए अनेक शिविरों पर हमले किये गए हैं. उत्तरी कीवू में क्रूरता के लिये जाने जाने वाले M23 गुट की गतिविधियों में बढ़ोत्तरी के कारण एक लाख 60 हज़ार अतिरिक्त लोगों को विस्थापित होना पड़ा है.

इस हिंसा में यूएन कर्मचारियों की मौत के अलावा, गोमा में भी पाँच आम लोगों की मौत होने की ख़बरें हैं, और 50 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं.

बूटेम्बो में भी प्रदर्शनों के दौरान सात लोगों की मौत हुई है.

संयुक्त राष्ट्र के उप प्रवक्ता फ़रहान हक़ ने मंगलवार रात को न्यूयॉर्क में स्थानीय समय के अनुसार रात में एक वक्तव्य जारी करके कहा, यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने हताहत यूएन शान्तिरक्षकों के परिवारों के साथ गहरी सम्वेदना व्यक्त की है, साथ ही भारत व मोरक्को की सरकारों और लोगों के साथ भी सम्वेदना प्रकट की गई है.

यूएन प्रमुख ने घायल शान्तिरक्षकों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी व्यक्त की है.

अनेक हमले

यूएन प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने देश के पूर्वी क्षेत्र में संयुक्त राष्ट्र के अनेक ठिकानों पर किये गए अनेक हमलों की निन्दा की है जो सोमवार को शुरू हुए, “इन हमलों में कुछ व्यक्ति और गुट जबरन उन ठिकानों में घुस गए और संयुक्त राष्ट्र की सम्पत्ति की लूटपाट और उसे नष्ट व तबाह करने में लग गए, साथ ही संयुक्त राष्ट्र के कर्मचारियों के निवासों को लूटा गया और उनमें आग भी लगा दी गई.”

देश में यूएन स्थिरता मिशन MONUSCO ने बुधवार को एक ट्वीट सन्देश में कहा कि प्रदर्शनकारियों ने काँगो पुलिस के कुछ कर्मचारियों से हिंसक रूप से हथियार भी छीन लिये और शान्तिरक्षा बलों पर गोलियाँ भी चलाईं.

यूएन प्रमुख ने कहा है कि उन्हें प्रदर्शनकारियों में हुई मौतों पर भी बेहद अफ़सोस हैं, और इन घटनाओं की पूर्ण जाँच कराने के में, देश की सरकार के साथ, यूएन मिशन के पूर्ण सहयोग का आश्वासन भी दिया है.

सम्भावित युद्धापराध

यूएन प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने संयुक्त राष्ट्र और काँगो की सरकार के दरम्यान हुए बल स्थिति पर समझौते की याद दिलाया, “जिसमें संयुक्त राष्ट्र के ठिकानों की पुख़्ता सुरक्षा की गारण्टी दी गई है. उन्होंने ध्यान दिलाते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र शान्तिरक्षकों पर किसी भी तरह के हमले, युद्धापराध परिभाषित हो सकते हैं, और काँगो सरकार से इन घटनाओं की पूर्ण जाँच कराने और दोषियों को जल्द से जल्द न्याय के कटघरे तक पहुँचाने का भी आहवान किया.”

महासचिव ने काँगो की सरकार के प्रवक्ता द्वारा जारी उस वक्तव्य का स्वागत किया है जिसमें हिंसा की निन्दा की गई है और उसमें ये संकेत भी दिया गया है कि ज़िम्मेदार तत्वों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा.

यूएन उप प्रवक्ता फ़रहान हक़ ने कहा, “महासचिव ने काँगो लोकतांत्रिक गणराज्य की सम्प्रभुता, स्वतंत्रता, एकता और क्षेत्रीय अखण्डता के लिये मज़बूत संकल्प दोहराया है.”

उप प्रवक्ता ने ये भी कहा है कि देश में यूएन मिशन के मुखिया और पूरा मिशन, काँगो सरकार और वहाँ के लोगों को, देश के पूर्वी हिस्से में, शान्ति निर्माण व स्थिरता के प्रयासों में समर्थन देना जारी रखेंगे.

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