टिकाऊ जगत के निर्माण में युवजन की अर्थपूर्ण भागीदारी पर बल

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि संगठन के कामकाज में और उससे इतर भी, युवजन की अर्थपूर्ण और कारगर भागीदारी, मानवाधिकारों को बढ़ावा देने, जलवायु संकट से निपटने और टिकाऊ विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के लिये महत्वपूर्ण है. 

यूएन प्रमुख ने बुधवार को आर्थिक एवं सामाजिक परिषद (ECOSOC) की वार्षिक यूथ फ़ोरम के दूसरे दिन अपने एक वीडियो सन्देश में, युवजन के लिये और उनके साथ टिकाऊ विकास लक्ष्यों को हासिल करने के विषय पर कार्यक्रम को सम्बोधित किया.  

यूएन महासचिव ने कहा कि आर्थिक एवं सामाजिक परिषद की युवा फ़ोरम, विश्व भर के युवजन की नब्ज़ को महसूस करने के लिये संयुक्त राष्ट्र का प्रमुख स्थल है. 

“युवजन के समक्ष आज जो चुनौतियाँ मौजूद हैं, युद्ध, कोविड-19 और जलवायु संकट उन्हें और गहरा कर रहे हैं.”

यूएन प्रमुख ने ध्यान दिलाया कि युवा आबादी, जलवायु परिवर्तन के विरुद्ध लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभा रही है और नस्लीय न्याय व लैंगिक समानता के लिये खड़ी हो रही है.

“वे नेताओं की जवाबदेही तय कर रहे हैं.”

“वे सर्वजन के लिये एक ज़्यादा समावेशी, शान्तिपूर्ण और समृद्ध भविष्य सुनिश्चित करने के हमारे प्रयासों में अग्रिम मोर्चे पर हैं.”

यूएन के शीर्षतम अधिकारी ने युवजन के लिये अपने सन्देश में इन प्रयासों को जारी रखने, संगठित होते रहने, और अपने विचारों को पेश करते रहने के लिये कहा है.

“हमारे पास खोने के लिये समय नहीं है.”

“यूएन युवजन रणनीति के ज़रिये, हम युवाओं के लिये और उनके साथ काम करने के लिये प्रतिबद्ध हैं.”

साझा एजेण्डा

एंतोनियो गुटेरेश ने अपनी रिपोर्ट, “हमारा साझा एजेण्डा” का उल्लेख किया, जिसमें युवाओं और भावी पीढ़ियों के साथ एकजुटता को मज़बूती प्रदान करने के लिये सिलसिलेवार सिफ़ारिशें पेश की गई हैं. 

उनके अनुसार, पहले से कहीं अधिक आपस में जुड़े, समावेशी और कारगर बहुपक्षवाद के निर्माण के नज़रिये से यह बेहद अहम है.

इन सिफ़ारिशों के तहत, इस वर्ष सितम्बर में शिक्षा में रूपान्तरकारी बदलाव लाने के लिये एक शिखर बैठक आयोजित की जाएगी.

यूएन प्रमुख ने युवाओं से इस बैठक में पूर्ण व सक्रिय भागीदारी के लिये प्रोत्साहित किया है. 

इसके समानान्तर, संयुक्त राष्ट्र में एक नए युवजन कार्यालय भी स्थापित किया जाना है, जिसका उद्देश्य यूएन के कामकाज में युवाओं की भागीदारी को बढ़ाना है. 

महासचिव ने युवा मामलों के लिये दूत, यूएन संस्थाओं, यूएन की देशीय टीमों, युवा संगठनों और सदस्य देशों का आभार जताया, जोकि संगठन के कामकाज में युवजन की ऊर्जा व परिप्रेक्ष्यों को समाहित करने के लिये प्रयासरत हैं.

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