जलवायु कार्रवाई पर सहयोग के लिये, चीन-अमेरिका के बीच समझौते का स्वागत

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने, बुधवार को, चीन और अमेरिका के बीच, जलवायु कार्रवाई में, और ज़्यादा निकट सहयोग करने के लिये हुए एक समझौते का स्वागत किया है. उन्होंने इस समझौते को, सही दिशा में एक महत्वपूर्ण क़दम क़रार दिया है.

ग्रीनहाउस गैसों के बहुत बड़े उत्सर्जकों में शामिल – चीन और अमेरिका के बीच इस संयुक्त घोषणा का समाचार, ग्लासगो में, स्थानीय समय के अनुसार देर शाम सामने आया, जहाँ वर्ष 2021 का यूएन जलवायु सम्मेलन कॉप26 आयोजित हो रहा है.

इस संयुक्त घोषणा में जलवायु परिवर्तन पर अन्तरसरकारी पैनल (IPCC) की हाल ही में जारी रिपोर्ट का सन्दर्भ दिया गया है जिसमें जलवायु आपदा का सामना करने की तत्काल ज़रूरत को, बहुत चेतावनी भरे विवरण के साथ प्रस्तुत किया गया है. 

साथ ही ये भी कहा गया है कि दोनों देश इस संकट की गम्भीरता को समझते हैं, और इस संकट का मुक़ाबला करने के लिये मौजूदा प्रयासों में बरक़रार अन्तर को भी स्वीकार करते हैं.

इस घोषणा में, वर्ष 2015 में कॉप21 में हुए पैरिस जलवायु समझौते के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिये दरकार क़दमों की पहचान भी की गई है.

ध्यान रहे कि पेरिस जलवायु समझौते में, तापमान वृद्धि को, कार्बन उत्सर्जनों में भारी कटौती के ज़रिये, डेढ़ से 2 डिग्री सेल्सियस के बीच सीमित रखने का लक्ष्य रखा गया है.

मीडिया ख़बरों के अनुसार, अमेरिका और चीन की इस संयुक्त घोषणा में जिन सहयोग क्षेत्रों का ज़िक्र किया गया है उनमें, ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन कम करने के लिये 2020 के दशक में बनाए गए नियामक ढाँचे, नीतियाँ और पर्यावरणीय मानक शामिल हैं.

यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने अपने एक ट्वीट सन्देश में कहा है कि वो चीन और अमेरिका द्वारा, इस दशक में और ज़्यादा महत्वाकांक्षी जलवायु कार्रवाई करने पर सहमत होने का स्वागत करते हैं.

उन्होंने साथ ही ये भी ध्यान दिलाया कि इस संकट का सामना करने के लिये, अन्तरराष्ट्रीय सहयोग व एकजुटता की दरकार है.

इस औचक घोषणा के बाद, दोनों देशों के शीर्ष जलवायु दूतों ने, कॉप26 सम्मेलन स्थल पर ही, अलग-अलग प्रैस वार्ताएँ भी कीं.

चीन के जलवायु दूत शेई झेनुआ ने कहा, “अमेरिका और चीन के बीच, भिन्नता से कहीं ज़्यादा सहमति है, जिसके कारण इस क्षेत्र में सहयोग की विशाल सम्भावनाएँ हैं.”

उन्होंने कहा, “हमारे दो देश, एक साथ काम करके, बहुत सी ऐसी चीज़ें हासिल कर सकते हैं जो केवल हमारे दोनों देशों के लिये ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिये हितकारी होंगी.”

अमेरिका के जलवायु दूत जॉन कैरी ने भी प्रैस वार्ता में कहा कि दोनों देशों के बीच हुए इस समझौते पर, वो “अति प्रसन्न” हैं. 

उन्होंने कहा, “इस समय तो हर क़दम बहुत महत्वपूर्ण है, और हमें अभी बहुत लम्बा सफ़र तय करना है.”

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