कोविड-19: वैश्विक महामारी के कारण 'डेढ़ करोड़ लोगों की मौत', नया विश्लेषण

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने वैश्विक महामारी के सम्बन्ध में नए आँकड़े जारी किये हैं जिनके अनुसार कोविड-19 की वजह से वर्ष 2021 के अन्त तक, सीधे तौर पर या बीमारी से उपजी अन्य वजहों से लगभग एक करोड़ 49 लाख लोगों की मौत हुई. यूएन एजेंसी ने इस निष्कर्ष पर पहुँचने के लिये अतिरिक्त मृतक संख्या की गणना की है.

विश्लेषण में 1 जनवरी 2020 से 31 दिसम्बर 2021 की अवधि में गणना की गई है, और अतिरिक्त मृतक संख्या, एक करोड़ 33 लाख से एक करोड़ 66 लाख के बीच होने का अनुमान व्यक्त किया गया है.

नए अध्ययन के अनुसार, कोविड-19 के कारण अब तक पुष्ट हुई संख्या से 95 लाख अतिरिक्त लोगों की मौत हुई है.

स्वास्थ्य संगठन ने बताया कि अतिरिक्त मृतक संख्या की गणना करने के लिये, कुल मृतकों की संख्या और महामारी ना फैलने की स्थिति में होने वाली मौतों के बीच को अन्तर को मापा जाता है.

इनमें वे लोग शामिल हैं जिनकी मृत्यु या तो कोरोनावायरस संक्रमण के कारण हुई, या फिर वैश्विक महामारी के स्वास्थ्य प्रणालियों व उनके समुदायों पर हुए असर की वजह से परोक्ष रूप से हुई.

उदाहरणस्वरूप, पहले से ही स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रहे वो लोग, जिन्हें समय से महत्वपूर्ण देखभाल सेवा मुहैया नहीं हो पाई.

यूएन स्वास्थ्य एजेंसी के महानिदेशक टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने सचेत किया है कि, “ये गम्भीर आँकड़े ना सिर्फ़ महामारी के असर, बल्कि सभी देशों द्वारा उन ज़्यादा सहनसक्षम स्वास्थ्य प्रणालियों में निवेश करने की आवश्यकता की ओर भी ओर संकेत करते हैं, जिनसे मज़बूत स्वास्थ्य सूचना प्रणालियों समेत संकटों के दौरान अति-आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं को जारी रखा जा सके.”

अतिरिक्त मौतें

संगठन का कहना है कि रिपोर्ट की जाने वाली मौतों के बजाय, प्रति एक लाख व्यक्तियों पर अतिरिक्त मृतक संख्या के ज़रिये, वैश्विक महामारी की ज़्यादा वस्तुनिष्ठ तस्वीर मिलती है.

बताया गया है कि सर्वाधिक अतिरिक्त मौतें, 84 फ़ीसदी, दक्षिणपूर्व एशिया, योरोप और अमेरिकी क्षेत्र में हुई हैं – केवल 10 देशों में 70 फ़ीसदी अतिरिक्त मृतक संख्या देखी गई है.

मध्य-आय वाले देशों में कुल एक करोड़ 49 लाख अतिरिक्त मौतों का 81 फ़ीसदी दर्ज किया गया, जबकि उच्च-आय और निम्न-आय वाले देशों में यह क्रमश: 15 प्रतिशत और चार प्रतिशत है.

आँकड़ों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर महिलाओं (43 प्रतिशत) की तुलना में पुरुषों (57 प्रतिशत) की मौत ज़्यादा संख्या में हुई है, विशेष रूप से वृद्धजन के मामले में.   

महामारी के असर का आकलन

यूएन स्वास्थ्य एजेंसी में डेटा व वैश्लेषिकी के लिये सहायक महानिदेशक डॉक्टर समीरा असमा ने बताया कि अतिरिक्त मृत्य संख्या को मापना, वैश्विक महामारी के प्रभाव को समझने के लिये एक अहम घटक है.  

मृतक संख्या रुझानों में आने वाले बदलाव, निर्णय-निर्धारकों को मौतों में कमी लाने और भावी संकटों की कारगर रोकथाम के लिये नीति बनाने हेतु जानकारी प्रदान करते हैं.

अनेक देशों में डेटा प्रणाली में सीमित निवेश होने के कारण, अतिरिक्त मृतक संख्या की वास्तविक स्थिति छिपी हुई रही है.

सहयोग व नवाचार

यह विश्लेषण, कोविड-19 मृतक संख्या समीक्षा के लिये तकनीकी परामर्श समूह के समर्थन और अन्य देशों से विचार-विमर्श के साथ तैयार किया गया है.

इस विशेषज्ञ समूह को यूएन स्वास्थ्य एजेंसी और आर्थिक व सामाजिक मामलों के लिये यूएन विभाग (UN DESA) द्वारा संयोजित किया जाता है.  

इस पैनल ने तुलनात्मक अध्ययन व अनुमान के लिये एक नवाचार तरीक़ा विकसित किया, उन मामलों के लिये भी जहाँ डेटा अपूर्ण या अनुपलब्ध था.

इसके लिये एक सांख्यिकी मॉडल के ज़रिये, देशों से प्राप्त होने वाली पर्याप्त जानकारी का इस्तेमाल किया गया, और उन देशों के लिये अनुमान व्यक्त किये गए जहाँ पर्याप्त डेटा उपलब्ध नहीं था.  

यूएन एजेंसी ने इस तरीक़े को बेहद अहम बताया है, चूँकि अनेक देशों में विश्वसनीय मृतक संख्या निगरानी के लिये क्षमता का अभाव है, और इसलिये वहाँ अतिरिक्त मौतों की गणना या उनके सम्बन्ध में डेटा जुटा पाना मुश्किल है.

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