कोविड-19 के बावजूद वैश्विक नवाचार क्षेत्र में प्रगति – यूएन रिपोर्ट

वैश्विक महामारी कोविड-19 के कारण हुई आर्थिक तबाही के बावजूद, पिछले साल टैक्नॉलॉजी क्षेत्र में प्रगति और उसका फलना-फूलना जारी रहा. बौद्धिक सम्पदा मामलों के लिये संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी (WIPO) की सोमवार को प्रकाशित एक नई रिपोर्ट में यह बात सामने आई है. 

विश्व बौद्धिक सम्पदा संगठन के नवीनतम ‘ग्लोबल इनोवेशन इण्डेक्स’ के मुताबिक़, विश्व के अनेक हिस्सों में सरकारों व उद्यमों ने नवाचार (innovation) के क्षेत्र में निवेश के स्तर को बढ़ाया है. 

यह वैश्विक महामारी से उबरने में नए विचारों व समाधानों की अहमियत को दर्शाता है.

यूएन एजेंसी के महानिदेशक डैरेन टैन्ग ने बताया, “कोविड-19 महामारी के भीषण असर के बावजूद, अनेक सैक्टरों ने असाधारण सहनक्षमता दिखाई है, विशेष रूप से डिजिटलीकरण, टैक्नॉलॉजी और नवाचार को अपनाने वालों ने.” 

उन्होंने कहा कि महामारी से पुनर्निर्माण प्रक्रिया में, हमारे समक्ष मौजूद साझा चुनौतियों पर क़ाबू पाने और एक बेहतर भविष्य के निर्माण में नवाचार की अहम भूमिका है. 

यूएन एजेंसी ने सचेत किया है कि कोरोनावायरस संकट का, विभिन्न क्षेत्रों व उद्योगों पर विषमतापूर्ण असर हुआ है. 

‘ग्लोबल इनोवेशन इण्डेक्स’ (जीआईआई) में हर साल, विश्व की अर्थव्यवस्थाओं की नवाचार क्षमता और उत्पादन के आधार पर एक सूची तैयार की जाती है.

रिपोर्ट में आम तौर पर कुछ ही अर्थव्यवस्थाओं का हमेशा दबदबा दिखाई देता रहा है, जिनमें से अधिकाँश उच्च-आय वाले देश हैं.   

मगर, वर्ष 2021 में, स्विट्ज़रलैण्ड, स्वीडन, अमेरिका और ब्रिटेन के साथ कोरिया गणराज्य, शीर्ष पाँच देशों में पहली बार शामिल हुआ है. 

प्रदर्शन में सुधार

चार अन्य एशियाई अर्थव्यवस्थाएँ शीर्ष 15 की सूची में हैं – इनमें सिंगापुर (8), चीन (12), जापान (13) और हाँगकाँग, चीन (14) स्थान पर हैं.  

चुनिन्दा मध्य-आय वाले देशों, जैसे कि तुर्की, वियतनाम, भारत और फ़िलिपीन्स भी नवाचार के क्षेत्र में तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं.

फ्राँस (11) और चीन (12) द्वारा उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है और दोनों ही देश शीर्ष 10 की सूची में शामिल होने के बेहद नज़दीक पहुँच गए हैं. 

रिपोर्ट के मुताबिक़, शीर्ष 30 देशों की सूची में स्थान पाने वाला चीन, एकमात्र मध्य-आय वाला देश है.

बुल्गारिया को सूची में 35वाँ, मलेशिया को 36वाँ, तुर्की को 41वाँ, थाईलैण्ड को 43वाँ, वियतनाम को 44वाँ, रूस को 45वाँ, भारत को 46वाँ, यूक्रेन को 49वाँ और मॉण्टीनिग्रो को 50वाँ स्थान मिला है. 

रिपोर्ट बताती है कि चीन के अलावा तुर्की, वियतनाम, भारत और फ़िलिपीन्स का नवाचार क्षेत्र में आगे बढ़ना, वैश्विक नवप्रवर्तन की दशा व दिशा को बदल कर रख देने की सम्भावना से भरा है.

इस इण्डेक्स में 132 देशों व हाँगकाँग जैसी उप-अर्थव्यवस्थाओं को सूचीबद्ध किया गया है. 

उत्तरी अमेरिका और योरोप अब भी वैश्विक नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं, मगर दक्षिण-पूर्व एशिया, पूर्वी एशिया सहित अन्य क्षेत्रों ने भी पिछले एक दशक में महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की है

सुदृढ़ता का परिचायक

ग्लोबल इनोवेशन इण्डेक्स के तहत इनोवेशन ट्रैकर के ज़रिये, टैक्नॉलॉजी, औषधि निर्माण और जैव-प्रौद्योगिकी उद्योगों पर नज़र डाली गई है. 

यह ट्रैकर बताता है कि महामारी के दौरान इन उद्योगों में निवेश को मज़बूती प्रदान की गई और शोध व विकास प्रयासों को बढ़ाया गया.

ऐप्पल, माइक्रोसॉफ़्ट और हुवावेई जैसी कम्पनियों ने पिछले वर्ष, अपने निवेश को औसतन 10 फ़ीसदी तक बढ़ाया है. वेन्चर कैपिटल निवेश में भी तेज़ी आई है और यह रुझान इस वर्ष भी जारी है.  

इसके विपरीत, परिवहन और यात्रा सैक्टरों पर वैश्विक महामारी का भीषण असर हुआ है, जिसकी वजह से कटौतियाँ की गई हैं. 

इण्डेक्स 2021 के अनुसार, अन्य क्षेत्रों में टैक्नॉलॉजी सम्बन्धी प्रगति बेहद महत्वपूर्ण है, और कोविड-19 वैक्सीन पर जवाबी कार्रवाई के तहत वैक्सीनों को विकसित किया जाना, इसका एक बेहतरीन उदाहरण है.

यूएन एजेंसी के अनुसार वर्ष 2019 में, नवाचार में निवेश ने रिकॉर्ड स्तर को छुआ था और औसत वार्षिक मुनाफ़ा 8.5 प्रतिशत आँका गया. 

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