कोलम्बिया में पाँच वर्ष पहले बोए गए शान्ति के बीज की फ़सल

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कोलम्बिया में, सरकार और क्रान्तिकारी सशस्त्र बलों (FARC-EP) के बीच पाँच वर्ष पहले हुए शान्ति समझौते के ज़रिये जो अमन का बीज बोया गया था, उसकी फ़सल देखने के लिये, पाँचवीं वर्षगाँठ के मौक़े पर, मंगलवार को देश का दौरा किया है.

उन्होंने इस यात्रा के दौरान एक छोटे से पहाड़ी गाँव का दौरा किया जहाँ पूर्व लड़ाके और आम लोग, अब साथ-साथ रहते और अपने कामकाज करते हैं.

यूएन महासचिव ने उस गाँव में पूर्व शत्रुओं के बीच पनपे अमन के माहौल को देखकर, इस गाँव को “शान्ति की एक प्रयोगशाला” क़रार दिया है.

शान्ति ने बनाए नए रिश्ते 

यूएन प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने ऐण्टियोकुइया विभाग (प्रान्त) के एक उत्तरी क़स्बे ल्लानो ग्रैण्डे का दौरा किया और इस यात्रा में कोलम्बिया के राष्ट्रपति इवान ड्यूक्यू और FARC-EP के पूर्व कमाण्डर रॉड्रीगो लन्दोनो भी उनके साथ थे.

ये क़स्बा, देश के उन अन्य इलाक़ों में से एक है जहाँ, पूर्व गुरिल्ला लड़ाकों को, आम जन-जीवन में स्थापित किया जा रहा है.

कोलम्बिया में 32 प्रान्त या प्रदेश हैं जिन्हें विभाग भी कहा जाता है.

50 वर्षों तक चले उस संघर्ष के कारण, देश की लगभग 80 प्रतिशत आबादी प्रभावित हुई थी और ऐण्टियोकुइया प्रान्त भी सर्वाधिक प्रभावित इलाक़ों में शामिल था.

ल्लानो ग्रैण्डे नामक क़स्बे में लगभग 150 लोग रहते हैं, जहाँ अतीत में दुश्मन रहे लोग अब एक साथ रहते और अपना कामकाज करते हैं.

ये छोटा सा गाँव, संयुक्त राष्ट्र और देश की सरकार के समर्थन से अब ऐसा स्थान बन चुका है जहाँ शान्ति का राज है.

पाँच वर्ष पहले जो वास्तविकता असम्भव नज़र आती थी, उसके उलट आज, FARC के पूर्व लड़ाके और स्थानीय जन, ख़ुद को एक परिवार का सदस्य मानते हैं.

यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश कोलम्बिया के ल्लानो ग्रैण्डे में एक कपड़ा कार्यशाला का दौरा करते हुए, जहाँ पूर्व लड़ाकों को, सिविल सोसायटी में फिर से समाहित किया जा रहा है.
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यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश कोलम्बिया के ल्लानो ग्रैण्डे में एक कपड़ा कार्यशाला का दौरा करते हुए, जहाँ पूर्व लड़ाकों को, सिविल सोसायटी में फिर से समाहित किया जा रहा है.

यूएन प्रमुख ने उस गाँव का दौरा किया और वहाँ के निवासियों के साथ बातचीत भी की, जिन्हें अनेक विकास कार्यक्रमों और उद्यम परियोजनाओं का लाभ मिल रहा है.

एंतोनियो गुटेरेश ने गाँव में एक सिलाई कार्यशाला का दौरा करते हुए कहा, “मुझे, ल्लानो ग्रैण्डे नामक इस गाँव की यात्रा करते हुए और शान्ति की उपलब्धियों को अपनी आँखों से देखते हुए, अति प्रसन्नता हो रही है.”

यूएन प्रमुख ने वहाँ एक कामगार मोनिका ऐस्ट्रिड ऐस्ट्रिड ओक्वेण्डो से भी बातचीत की जिन्होंने हाल ही में, यूएन न्यूज़ को बताया था कि शान्ति समझौता अपने साथ ऐसे फ़ायदे लेकर आया जिनकी बदौलत स्थानीय समुदाय की बहुत मदद हुई है.

एंतोनियो गुटेरेश ने अन्य कामगारों के साथ भी, उनके कामकाज के बारे में बातचीत की और शान्ति प्रक्रिया में, महिलाओं के नेतृत्व की अहमियत पर भी चर्चा की.

कॉफ़ी का एक नया ब्रैण्ड

इस बीच, पूर्व लड़ाकों के एक समूह ने, यूएन प्रमुख की यात्रा का फ़ायदा उठाते हुए, कॉफ़ी का एक नया ब्रैण्ड भी शुरू कर दिया जिसका नाम है – Trópicos. इसे 1200 सदस्यों के एक सहकारी संगठन ने मिलकर तैयार किया है.

यूएन प्रमुख ने भी, कोलम्बिया में उत्पादित कॉफ़ी की अनेक क़िस्मों के बारे में ख़ासी दिलचस्पी दिखाई.

महासचिव एंतोनियो गुटेरेश को कुछ अन्य परियोजनाओं के बारे में भी बताया गया, जैसेकि क़स्बाई स्कूल, कोलम्बियाई मक्का केक बनाने वाली एक फ़ैक्टरी, और एक साबुन फ़ैक्टरी.

यूएन प्रमुख ने बाद में, इस गाँव के एक फ़ुटबॉल मैदान में स्थानीय समुदाय को सम्बोधित करते हुए, हर किसी को, इन परियोजनाओं में, उनके उत्साह और समर्पण के लिये बधाई दी.

उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि ये परियोजनाएँ वित्तीय कठिनाइयों के बावजूद, आगे बढ़ रही हैं. उन्होंने साथ ही ज़ोर देकर ये भी कहा कि इन परियोजनाओं की सततता की गारण्टी के लिये, प्रयोस दोगुने करने होंगे, और निजी सैक्टर को भी इनमें शामिल करना होगा.

शान्ति रातों-रात नहीं आती

यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने स्थानीय समुदाय के अनेक सदस्यों के साथ बातचीत करने के बाद, कहा कि स्थानीय लोग भली-भाँति जानते और समझते हैं कि शान्ति रातों-रात नहीं आ जाती.

उन्होंने संघर्ष के पीड़ितों और उनके परिजनों के प्रति सहानुभूति और एकजुटता व्यक्त करते हुए कहा, “शान्ति बनाने, उसका ख़याल रखने और उसे बनाए रखने में बहुत लागत लगती है… इसमें एक विरोधाभास भी है: शान्ति का मक़सद है कि समाज में कोई दुश्मन ना हों, मगर दुर्भाग्य से, शान्ति के शत्रु मौजूद हैं.” 

संयुक्त राष्ट्र की ख़बरों के अनुसार, वर्ष 2017 से, केवल ऐण्टियोकुइया मे ही, लगभग 30 लोगों की हत्याएँ हुई हैं और चार लोग लापता हैं, इनमें अधिकतर पुरुष हैं.

कुल मिलाकर, कोलम्बिया में, 303 पूर्व लड़ाकों की हत्याएँ हो चुकी हैं और 25 लापता हैं. लगभग 500 मानवाधिकार पैरोकार और सामाजिक कार्यकर्ताओं की ज़िन्दगियाँ भी हिंसक हमलों में ख़त्म हो गई हैं.

एंतोनियो गुटेरेश ने ऐसे लोगों के पक्के इरादे और समर्पण की सराहना भी की जो, कोलम्बिया में शान्ति निर्माण में, हर दिन के आधार पर सक्रिय हैं.

मगर उन्होंने साथ ही, यह भी आगाह किया कि ऐसे लोगों की सुरक्षा पुख़्ता किया जाना, शान्ति को मज़बूत करने के लिये, बहुत ज़रूरी है.

यूएन महासचिव ने शान्ति को समर्थन देने के लिये, संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबद्धता की पुष्टि दोहराई और भरोसा दिलाया कि वो देश में सुरक्षा और आवास के मुद्दों पर, सरकार के साथ चर्चा करेंगे.

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