एक डायनासोर की विश्व नेताओं से अपील: 'विलुप्ति की राह ना चुनें'

ऐसा पहली बार हुआ कि एक उग्र और बातूनी डायनासोर, न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के प्रतिष्ठित महासभा हॉल में घुस आया. उन राजनयिकों के लिये विशेष रूप से चेतावनी जारी करते हुए, जो अभी भी सोचते हैं कि जलवायु कार्रवाई केवल पक्षियों के लिये है.

7 करोड़ वर्ष पहले डायनासोर की विलुप्ति के सम्बन्ध में आम धारणा का उल्लेख करते हुए यह माँसाहारी जीव चेतावनी देता है, "हमें ख़त्म करने वाला तो एक एस्टेरॉयड (उल्का पिण्ड) था. आपके पास क्या बहाना है?"

ज़ाहिर है, यह डायनासोर असली नहीं है, बल्कि संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) द्वारा, मंगलवार को जारी नई लघु फिल्म का एक अहम कम्प्यूटर-जनित दृश्य है, जोकि एजेन्सी की 'Don't Choose Extinction' मुहिम का हिस्सा है.

यह डायनासोर, हैरान-परेशान राजनयिकों को बताता है कि "समय आ गया है कि मनुष्य बहाने बनाना बन्द करें और जलवायु संकट को दूर करने के लिये बदलाव लाना शुरू करें."

सीजीआई यानि कम्प्यूटर-जनित कल्पना का उपयोग करके महासभा हॉल के अन्दर बनने वाली यह पहली फिल्म है.

इसमें कई मशहूर वैश्विक हस्तियों ने विभिन्न भाषाओं में डायनासोर को आवाज़ दी है.

इनमें अभिनेता ईज़ा गोंजालेज़ (स्पेनिश), निकोलज कोस्टर-वाल्डौ (डेनिश) और अइसा माएगा (फ्राँसिसी) शामिल हैं.

इस अभियान के तहत जारी, एक यूएनडीपी रिपोर्ट दर्शाती है कि दुनिया जीवाश्म ईंधन पर सब्सिडी देने के लिये सालाना 423 अरब डॉलर ख़र्च करती है.

इस धनराशि से विश्व के हर एक व्यक्ति का कोविड-19 टीकाकरण सुनिश्चित किया जा सकता है.

यह राशि, वैश्विक चरम ग़रीबी को मिटाने के लिये ज़रूरी वार्षिक रक़म की तीन गुना के बराबर है.

डायनासोर कहता है, "उन सब चीजों के बारे में सोचें जो आप उस धन से कर सकते हैं."

"दुनिया भर में लोग ग़रीबी में जी रहे हैं. क्या आपको नहीं लगता कि अपनी पूरी प्रजाति के विलुप्ति की तरफ़ बढ़ने से बेहतर होगा कि उनकी मदद की जाए?

यूएनडीपी की एक लघु फिल्म में, फ्रैन्की नामक डायनासोर, विश्व नेताओं से विलुप्ति की राह ना चुनने का आग्रह करता है.
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यूएनडीपी की एक लघु फिल्म में, फ्रैन्की नामक डायनासोर, विश्व नेताओं से विलुप्ति की राह ना चुनने का आग्रह करता है.

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