एकजुटता, सततता, विज्ञान से दिग्दर्शित होगा, नए यूएन महासभा अध्यक्ष का एजेण्डा

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने, हंगरी के एक अनुभवी राजनीतिज्ञ क्साबा कॉरोसी को, आगामी 77वें सत्र के लिये अपना अध्यक्ष निर्वाचित किया है. ये चुनाव न्यूयॉर्क स्थित यूएन मुख्यालय में मंगलवार को आधिकारिक समारोह के दौरान सम्पन्न हुआ, और इसमें मतदान की आवश्यकता नहीं हुई.

राजदूत क्साबा कॉरोसी हंगरी के राष्ट्रपति कार्यालय में, पर्यावरणीय सततता के निदेशक हैं और वो संयुक्त राष्ट्र की मुख्य विचार-विमर्श व नीति निर्माता संस्था – महासभा के अध्यक्ष की ज़िम्मेदारी सितम्बर 2022 में एक साल के लिये शुरू करेंगे.

संयुक्त राष्ट्र के सभी 193 सदस्य देश, यूएन महासभा में बैठते हैं और नए अध्यक्ष ने एकुजुटता, सततता व विज्ञान के माध्यम से, समाधान तलाश करने की मंशा प्रकट की है; और यही तीन वाक्य, यूएन महासभा के 77वें सत्र के दिग्दर्शक भी होंगे. 

नव निर्वाचित अध्यक्ष ने महासभा को सम्बोधित करते हुए, देशों के सामने दरपेश चुनौतियों को रेखांकित किया जिनमें खाद्य और ऊर्जा क़िल्लतों के साथ-साथ, क़र्ज़ का बोझ, जलवायु आपदा, जैव-विविधता हानि, और तात्कालिक मानवीय और संरक्षण आवश्यकताएँ भी शामिल हैं.

एकीकृत समाधानों की चाह

उन्होंने आगाह करते हुए कहा कि यूक्रेन युद्ध के साथ-साथ अन्य तरह के सशस्त्र संघर्ष, आने वाले अनेक वर्षों के लिये, शक्तिशाली तूफ़ान b असाधारण अस्थिरता उत्पन्न कर रहे हैं.

उन्होंने ये भी कहा कि आपने मुझे निर्वाचित करके इस आकलन की फिर से पुष्टि की है कि भूराजनैतिक जोखिमों और हमारे विकास के ग़ैर-टिकाऊ तरीक़ों से उत्पन्न होने वाले जोखिमों ने, एक दूसरे में मिश्रण और एक-दूसरे को मज़बूत करना शुरू कर दिया है.

“इसलिये हमें व्यवस्थागत चुनौतियों के एकीकृत समाधान तलाश करने होंगे. पुरातन सामान्य की तरफ़ अब कोई रास्ता नहीं जाता. हमारी मौजूदा मुश्किलों से बाहर निकलने का केवल एक ही रास्ता है और वो है, इस संगठन में लगातार सुधार व बदलाव करना; और हमारे सहयोग को मज़बूत करना."

"हमें अपने संयुक्त रूप से सहमत लक्ष्यों, संकल्पों और प्रतिबद्धताओं की पूर्ति के लिये, और ज़्यादा बेहतर काम करना होगा.”

यूएन सिद्धान्तों पर मज़बूती

राजदूत क्साबा कॉरोसी ने संयुक्त राष्ट्र के - शान्ति व सुरक्षा, मानवाधिकार, और टिकाऊ विकास जैसे महत्वपूर्ण स्तम्भों को बरक़रार रखते हुए, जटिल वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिये अपनी प्राथमिकताएँ गिनाईं.

इनमें यूएन चार्टर के बुनियादी सिद्धान्तों की मशाल को मज़बूत रखना, टिकाऊ बदलाव में महत्वपूर्ण और मापने योग्य प्रगति करना, निर्णय-निर्माण में विज्ञान की भूमिका को बढ़ाना, और वृहद एकजुटता को प्रोत्साहन देना भी शामिल हैं.

उन्होंने सहयोगी राजदूतों को सम्बोधित करते हुए कहा, “हम एक ऐसे दौर में जी रहे हैं जिन्होंने उस बुनियाद को हिला रखा है जिस पर इस संगठन का निर्माण हुआ था. अनेकानेक संघर्षों की मौजूदगी में, संयुक्त राष्ट्र की साख़ से कुछ भी कम, दाँव पर नहीं है.”

संयुक्त राष्ट्र की स्थापना को याद करते हुए उन्होंने कहा कि 77 वर्ष पहले, सदस्य देशों ने ये दिखाया था कि युद्ध की राख़ के ढेर में से, स्थाई शान्ति का निर्माण किया जा सकता है.

उन्होंने कहा, “हमें अन्तरराष्ट्रीय शान्ति और सुरक्षा के साथ-साथ, इस पृथ्वी पर हमारे टिकाऊ भविष्य के लिये जोखिम उत्पन्न कर वाली इन चुनौतियों का सामना करने के लिये, आज भी ऐसी ही प्रतिज्ञा दिखानी होगी.“

यूएन कामकाज को आगे बढ़ाना

यूएन प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने नव-निर्वाचित अध्यक्ष को बधाई दी और चुनौतियों का सामना कर रहे विश्व में, महासभा की अहम भूमिका को भी रेखांकित किया.

उन्होंने कहा कि राजदूत क्साबा कॉरोसी इस पद के लिये एक वृहद नज़रिया लेकर आ रहे हैं जिसमें संयुक्त राष्ट्र के साथ उनका सुपरिचय, पर्यावरणीय सततता में विशेषज्ञता, और बहुपक्षीय कार्रवाई के लिये उनकी अटूट प्रतिबद्धता शामिल हैं. 

यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा, “मैं उनके अध्यक्ष काल के ध्यान बिन्दु – ‘एकजुटता, सततता और विज्ञान के ज़रिये समाधन’ का स्वागत करता हूँ, और हमारे कामकाज के वृहद पटल पर आगे बढ़ने में मदद के लिये, मैं उन पर निर्भर रहूंगा.”

उन्होंने कहा, “टिकाऊ समाधानों की तलाश में, हमारे साझा लक्ष्यों की प्राप्ति व हमारे साझा मूल्यों की रक्षा करने की ख़ातिर, हम उनके साथ काम करने के लिये इच्छुक व तत्पर हैं.

हस्तान्तरण

मौजूदा महासभा अध्यक्ष अब्दुल्ला शाहिद ने अपने उत्तराधिकारी को पूरा सहयोग देने की तत्परता भी व्यक्त की और बताया कि कामकाज की ज़िम्मेदारी सौंपने की तैयारी पहले ही शुरू हो चुकी है.

अब्दुल्ला शाहिद ने, राजदूत क्साबा कॉरोसी के लगभग 40 वर्ष के राजनय जीवन की सराहना की जिसमें न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र के लिये, हंगरी के स्थाई राजदूत के रूप में सेवा भी शामिल रही है.

Share this story