इथियोपिया: हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में ना भोजन, ना ईंधन, ना सहायता धनराशि

संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने शुक्रवार को चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि इथियोपिया के उत्तरी हिस्से में जीवनरक्षक खाद्य सहायता अभियान की रफ़्तार थमने का जोखिम बढ़ रहा है. यूएन एजेंसी के अनुसार, भीषण लड़ाई और असुरक्षा बढ़ने के कारण, भोजन और ईंधन की आपूर्ति में अवरोध उत्पन्न हो गया है.

इथियोपिया में नवम्बर 2020 के बाद सरकारी सुरक्षा बलों और टीगरे पीपल्स लिबरेशन फ़्रण्ट (TPLF) के बीच हिंसक संघर्ष के कारण, व्यापक पैमाने पर मानवीय संकट पैदा हुआ है. 

हिंसा और टकराव बढ़ने की वजह से, विश्व खाद्य कार्यक्रम का कोई भी क़ाफ़िला, मध्य-दिसम्बर के बाद से टीगरे क्षेत्र की राजधानी मेकैल्ले नहीं पहुँच पाया है.

कुपोषण का शिकार बच्चों और महिलाओं के उपचार के लिये पोषक आहार की क़िल्लत हो गई है और यूएन एजेंसी के भण्डार में अनाज, दाल और तेल की कमी होती जा रही है.

पूर्वी अफ़्रीका के लिये यूएन एजेंसी के क्षेत्रीय निदेशक माइकल डनफ़ॉर्ड ने बताया कि, “अब हमें यह चुनना पड़ रहा है कि किन लोगों को भूखा रखा जाएगा, ताकि अन्य को भुखमरी की चपेट में आने से रोका जा सके.”

यूएन के वरिष्ठ अधिकारी ने सभी युद्धरत पक्षों से मानवीय राहत पहुँचाने के लिये तत्काल सुरक्षित रास्तों की व्यवस्था किये जाने का आग्रह किया है. 

उन्होंने कहा कि ये गलियारे उत्तरी इथियोपिया में सभी मार्गों पर स्थापित किये जाने होंगे. “मानवीय राहत आपूर्ति उस रफ़्तार और स्तर पर नहीं हो रही है, जिसकी आवश्यकता है.”

संगठन का कहना है कि ईंधन और भोजन उपलब्ध ना हो पाने की वजह से, हाल के दिनों में टीगरे में ज़रूरतमन्द आबादी के 20 फ़ीसदी हिस्से तक ही राहत पहुँचाई जा सकी है.

क्षेत्रीय निदेशक माइकल डनफ़ॉर्ड ने चेतावनी जारी करते हुए कहा, “हम एक मानवीय आपदा के कगार पर हैं.”

मानवाधिकार हनन के आरोपों के बीच, हज़ारों की संख्या में लोगों के मारे जाने की आशंका जताई गई है, जबकि 20 लाख से अधिक लोग अपने घर छोड़कर जाने के लिये मजबूर हुए हैं. 

पिछले कुछ महीनों में लोगों के मारे जाने, लूटपाट होने और स्वास्थ्य केन्द्रों व कृषि सम्बन्धी बुनियादी ढाँचे को क्षति पहुँचाए जाने की ख़बरें सामने आई हैं, जिनसे मानवीय ज़रूरतों का दायरा बढ़ा है.

मानवीय राहत ज़रूरतें

इथियोपिया के उत्तरी हिस्से में हिंसक संघर्ष व टकराव एक वर्ष से अधिक समय से जारी है, और लगभग 94 लाख लोगों को खाद्य सहायता की दरकार है.

चार महीने पहले की तुलना में इस आँकड़े में 27 लाख की वृद्धि हुई है, जोकि अब तक ज़रूरतमन्दों की सर्वाधिक संख्या है.

मगर, आवश्यकताओं का स्तर बढ़ने के बावजूद, लड़ाई के कारण खाद्य राहत वितरण का स्तर कम ही है.

यूएन एजेंसी की योजना, टीगरे में 21 लाख लोगों, अमहारा में साढ़े छह लाख लोगों और अफ़ार क्षेत्र में पाँच लाख 34 हज़ार लोगों तक खाद्य सहायता पहुँचाने की है.

यूएन एजेंसी ने चेतावनी दी है कि अगले महीने से लाखों लोगों के लिये खाद्य राहत समाप्त हो जाने का जोखिम है, चूँकि पर्याप्त सहायता धनराशि का भी प्रबन्ध नहीं हो पाया है.

विश्व खाद्य कार्यक्रम ने अगले छह महीनों के भीतर, उत्तरी इथियोपिया में आपात खाद्य सहायता अभियान के लिये, 33 करोड़ डॉलर और सोमाली क्षेत्र में गम्भीर सूखे से प्रभावित लोगों तक मदद पहुँचाने के लिये 17 करोड़ डॉलर की अपील की है.

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