इथियोपिया: लड़ाई, सूखा, घटती खाद्य सहायता से, दो करोड़ लोगों का जीवन जोखिम में

संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने चेतावनी भरे शब्दों में कहा है कि इथियोपिया के उत्तरी क्षेत्र में संघर्ष, दक्षिण में सूखा और अगले महीने से घटती खाद्य व पोषण सहायता का सामना कर रहे 2 करोड़ से अधिक लोगों को, भुखमरी अपनी जकड़ में रही है.

यूएन खाद्य सहायता एजेंसी ने ध्यान दिलाते हुए कहा है कि इथियोपिया में गत अप्रैल में खाद्य मूल्य सूचकांक पिछले साल के इसी महीने की तुलना में 43 प्रतिशत ऊपर था, "संघर्ष और सूखे के मिश्रण ने मंहगाई बढ़ा दी है."

इसी दौरान, साल दर साल वनस्पति तेल 89 प्रतिशत और अनाज की क़ीमतें 37 प्रतिशत से अधिक बढ़ी हैं.

युद्ध और भूखमरी

यूएन खाद्य एजेंसी के अनुसार, 19 महीने के युद्ध के कारण उत्तरी क्षेत्र में, एक करोड़ 30 लाख से अधिक लोगों को मानवीय खाद्य सहायता की आवश्यकता है, और इनमें विशेष रूप से अफ़ार, अमहारा और टीगरे जैसे संघर्ष प्रभावित क्षेत्र शामिल हैं.

दो महीने पहले सरकार द्वारा मानवीय संघर्ष विराम की घोषणा किये जाने के बाद से, टीगरे क्षेत्र में भोजन और मानवीय सामग्री पहुँचाई जा रही है.

खाद्य एजेंसी ने एक अप्रैल से लेकर अब तक एक लाख टन से अधिक भोजन वितरित किया है जो एक महीने के लिये 59 लाख लोगों का पोषण करने के लिये पर्याप्त है, वहीं ईंधन उसी रफ्तार से मुहैया नहीं हो पा रहा है.

हाल ही के सप्ताहों में 20 लाख लीटर ईंधन की आवश्यकता थी जिसमें आधे से भी कम मात्रा, इस क्षेत्र में दाख़िल हो पाई है.

खाद्य एजेंसी टीगरे में आख़िरकार, 8 लाख से अधिक लोगों की खाद्य ज़रूरतें पूरा कर पा रही है और हाल में अफ़ार व अमहारा में 13 लाख लोगों को आपातकालीन खाद्य सामग्री का वितरण पुरा हुआ है.

अस्थिर स्वास्थ्य

विश्व खाद्य कार्यक्रम के अनुसार, टीगरे में, पाँच साल से कम उम्र के 20 प्रतिशत से अधिक बच्चे, और गर्भवती व स्तनपान कराने वाली आधी से ज़्यादा महिलाएँ कुपोषित हैं.

एजेंसी के ताज़ा आकलन दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी इथियोपिया में, अनुमानित 74 लाख लोग हर दिन भूखे पेट जागते हैं क्योंकि देश लगातार चौथे असफल बारिश के मौसम से जूझ रहा है.

यूक्रेन ने खाद्य संकट बढ़ाया दूसरी तरफ़, यूक्रेन में युद्ध के अनेकानेक प्रभाव इथियोपिया के खाद्य सुरक्षा संकट को और बढ़ेंगे.

यूएन खाद्य एजेंसी और इथियोपिया की सरकार को, गेहूँ की तीन-चौथाई से अधिक मात्रा यूक्रेन या रूस से मिलती है, और गेहूँ देश का मुख्य अनाज है.

यूक्रेन की गम्भीर स्थिति के कारण गेहूँ के दाम भी महंगे हो रहे हैं साथ ही उर्वरकों की क़ीमतें भी बढ़ रही हैं, जोकि इथियोपिया के किसानों की पहुँच से बाहर हो रहे हैं.

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