इथियोपिया: यूएन कर्मचारियों के निष्कासन की आलोचना, जीवन बचाने पर ध्यान लगाने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने इथियोपिया सरकार से, देश में बहुत अहम मानवीय सहायता अभियान जारी रहने देने का आग्रह किया है. यूएन प्रमुख का ये बयान, ऐसे समय आया है जब इथियोपिया सरकार ने कुछ ही दिन पहले, संयुक्त राष्ट्र के सात कर्मचारियों को, अवांछित घोषित करते हुए, देश से निष्कासित कर दिया था.

यूएन प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने बुधवार को सुरक्षा परिषद को सम्बोधित करते हुए, इथियोपिया के उत्तरी क्षेत्र में बढ़ती ज़रूरतों की ताज़ा स्थिति की जानकारी प्रस्तुत की, जो टीगरे क्षेत्र में जारी युद्ध के कारण उत्पन्न हो रही है.

उन्होंने कहा कि विशाल संकट के हालात के मद्देनज़र, सभी प्रयास लोगों की ज़िन्दगियाँ बचाने और एक विकराल मानवीय त्रासदी को टालने पर केन्द्रित होने चाहिये.

अभूतपूर्व निष्कासन

यूएन प्रमुख ने सुरक्षा परिषद में राजदूतों को बताया, “ऐसे हालात में, इथियोपिया सरकार द्वारा गत सप्ताह गुरूवार, 30 सितम्बर को, संयुक्त राष्ट्र के सात कर्मचारियों को निष्कासित किये जाने की घोषणा, बहुत व्यथित करने देने वाली है, जबकि इनमें ज़्यादातर कर्मचारी मानवीय सहायता स्टाफ़ हैं.”

उन्होंने कहा कि यह अभूतपूर्व निष्कासन गहन चिन्ता का एक कारण है क्योंकि यह मुद्दा, संयुक्त राष्ट्र और सदस्य देशों के बीच सम्बन्धों की बुनियाद से जुड़ा हुआ है.

इथियोपिया सरकार के 30 सितम्बर को घोषित इस निर्णय के बाद, संयुक्त राष्ट्र ने इथियोपिया सरकार को यह कूटनैतिक सन्देश भेजा था कि यूएन कर्मचारियों को अवांछित घोषित करना और उन्हें देश छोड़कर चले जाने का आदेश देना, यूएन चार्टर के तहत, किसी देश की ज़िम्मेदारियों के अनुरूप नहीं है.

संयुक्त राष्ट्र के इस कूटनीतिक वक्तव्य में यह भी स्पष्ट किया गया है कि अगर किसी देश की सरकार को, किन्हीं कर्मचारियों के सम्बन्ध में कोई शिकायत या चिन्ताएँ हैं तो उनके बारे में संयुक्त राष्ट्र को सूचित किया जाना चाहिये, ताकि महासचिव, आवश्यकतानुसार, कार्रवाई कर सकें.

एंतोनियो गुटेरेश ने कहा, “अन्य शब्दों में कहें तो एक उपयुक्त व औपचारिक प्रक्रिया मौजूद है – और इस मामले में उस प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया.”

लाखों लोग भुखमरी के निकट

यूएन प्रमुख ने कहा कि देश भर में, मानवीय सहायता के ज़रूरतमन्द लाखों लोगों की मदद करने के लिये, इथियोपिया सरकार व साझीदारों के साथ मिलकर काम जारी रखा जाएगा.

“मैं इथियोपिया सरकार से ये सहायता कार्य, बिना किसी बाधा के जारी रखने देने का आहवान करता हूँ, और यह भी कि हमें तात्कालिकता के साथ हमारा काम करने दें, जैसाकि समय व स्थिति का तक़ाज़ा है.”

यूएन महासचिव ने, इथियोपिया के उत्तरी क्षेत्र टीगरे में, सरकारी और टीगरे के क्षेत्रीय बलों के बीच लगभग एक साल से चल रही लड़ाई के कारण उत्पन्न हुई स्थिति की गम्भीरता को भी रेखांकित किया.

यह लड़ाई अब पड़ोसी अफ़ार और अमहारा क्षेत्रों में भी दाख़िल हो गई है, और कुल लगभग 70 लाख लोगों को खाद्य सहायता व आपात सहायता की तत्काल ज़रूरत है.

50 लाख से ज़्यादा ज़रूरतमन्द लोग, अकेले टीगरे में हैं, जहाँ लगभग चार लाख लोगों को अकाल जैसे हालात में रहने के लिये मजूबर होना पड़ रहा है.

इथियोपिया का पक्ष

इथियोपिया के राजदूत ताए अत्सके-सेलासी ने भी सुरक्षा परिषद को सम्बोधित करते हुए कहा कि उनका देश अपने निर्णयों के बारे में कोई स्पष्टीकरण या सफ़ाई देने के लिये क़ानूनी रूप से बाध्य नहीं है. 

राजदूत ने अनेक आरोपों की सूची पेश करते हुए कहा, “इथियोपिया में यूएन के जिन कर्मचारियों को निष्काषित किया गया है, उन्होंने अपनी शपथ, पेशेवर बर्ताव के नियमों और मानवीय सहायता के सिद्धान्तों की अनदेखी की है.”

राजदूत ने हालाँकि ज़ोर देकर ये भी कहा कि चन्द कर्मचारियों के दुराचरण के कारण, संयुक्त राष्ट्र की पेशेवराना साख़ कम नहीं होती है, इथियोपिया में या अन्य स्थानों पर.

राजदूत ने कहा देश के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री ने जुलाई में, इस मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र को पत्र लिखा था, “हमने कुछ यूएन कर्मचारियों को बुलाकर उन्हें उनका दुराचरण रोकने के लिये चेतावनी दी थी. इसके बावजूद वो दुराचरण यूँ ही जारी रहा.”

प्रति उत्तर के अधिकार का प्रयोग

यूएन महासचिव ने, इथियोपिया के राजदूत के वक्तव्य के जवाब में, औपचारिक रूप से, प्रति उत्तर के अधिकार का प्रयोग किया, जोकि एक बहुत असाधारण क़दम था.

यूएन प्रमुख ने कहा कि इथियोपिया सरकार ने निष्कासित किये गए कर्मचारियों के बारे में, अगर कोई भी लिखित दस्वातेज़ संयुक्त राष्ट्र के किसी भी संगठन या संस्था को भेजा है तो “मैं उस दस्तावेज़ की प्रति देखना चाहुंगा, क्योंकि मुझे ऐसे किसी दस्तावेज़ के बारे में कोई जानकारी नहीं है.” 

उन्होंने इथियोपिया के राजदूत से सबूत मुहैया कराने का आग्रह करते हुए यह भी याद दिलाया कि उन्होंने देश के प्रधानमंत्री से दो बार कहा था कि उन्हें यूएन स्टाफ़ की “निष्पक्षता” के बारे में अगर कोई सन्देह हैं तो बताएँ, मगर प्रधानमंत्री से कोई जवाब नहीं मिला.

यूएन प्रमुख ने कहा, “हमारा मानना है कि इथियोपिया, अन्तरराष्ट्रीय क़ानून का उल्लंघन कर रहा है”, और उसे संयुक्त राष्ट्र के सात कर्मचारियों को निष्कासित करने का कोई अधिकार नहीं है.

यूएन महासचिव ने कहा कि इस विश्व संगठन का इथियोपिया में केवल एक एजेण्डा है और वो है – इथियोपियाई लोग – टीगरी, अमहारी, अफ़ारी, सोमाली लोग.

इस बैठक के बाद, प्रैस के साथ, यूएन प्रमुख की बातचीत का वीडियो यहाँ देखें...

 

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