इथियोपिया: बन्दियों की रिहाई, ‘भरोसा बढ़ाने वाला एक ठोस क़दम’

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने शुक्रवार को, इथियोपियाई सरकार के उस निर्णय का स्वागत किया है, जिसके तहत अनेक शीर्ष राजनैतिक बन्दियों को जेल में हिरासत से रिहा किया गया है. यूएन के शीर्षतम अधिकारी ने इसे भरोसे का निर्माण करने वाले एक महत्वपूर्ण क़दम बताया है.

इथियोपिया में नवम्बर 2020 के बाद सरकारी सुरक्षा बलों और टीगरे पीपल्स लिबरेशन फ़्रण्ट (TPLF) के बीच हिंसक टकराव के कारण, व्यापक पैमाने पर मानवीय संकट पैदा हुआ है. 

ख़बरों के अनुसार, सरकार के इस क़दम के तहत, TPLF गुट के कुछ नेताओं को भी आम माफ़ी दी गई है. 

युद्धविराम की अपील

यूएन प्रमुख ने अपने वक्तव्य में कहा, “मैं इथियोपिया में जेल से अनेक बन्दियों की आज रिहाई होने का स्वागत करता हूँ, जिनमें प्रमुख विरोधी नेता भी हैं.”

“मैं सभी पक्षों से, शत्रुता को रोकने और स्थाई युद्धविराम पर सहमति बनाते हुए, विश्वास का निर्माण करने वाले इस ठोस क़दम पर आगे बढ़ने का आग्रह करता हूँ.”

महासचिव ने कहा है कि इसके साथ-साथ, एक विश्वसनीय व समावेशी राष्ट्रीय सम्वाद और आपसी मेल-मिलाप प्रक्रिया की शुरुआत की जानी होगी. 

यूएन प्रमुख ने भरोसा दिलाया है कि इथियोपिया में हिंसा पर विराम लगाने, और शान्ति व स्थिरता बहाल करने के प्रयासों में वह सभी पक्षकारों के साथ सक्रिय प्रयासों में हिस्सा लेना जारी रखेंगे. 

शान्ति व समृद्धि

संयुक्त राष्ट्र का अनुमान है कि इथियोपिया के टीगरे, अमहारा और अफ़ार क्षेत्रों में स्थित 50 लाख से अधिक लोगों को मानवीय राहत की आवश्यकता है.

व्यापक पैमाने पर मानवाधिकार उल्लंघन के आरोपों के बीच, बड़ी संख्या में लोगों के मारे जाने की आशंका व्यक्त की गई है. 

20 लाख से अधिक लोग अपनी जान बचाने के लिये घर छोड़कर भाग गए हैं. 

पिछले महीने, जिनीवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद ने एक अन्तरराष्ट्रीय विशेषज्ञ आयोग स्थापित किये जाने के लिये मतदान किया, जिसका उद्देश्य हिंसक संघर्ष के दौरान हनन के आरोपों की जाँच करना है.  

बताया गया है कि बन्दियों की रिहाई का निर्णय, 'ऑर्थोडॉक्स क्रिसमस’ के अवसर पर किया गया, जोकि इथियोपिया में एक बड़ा अवकाश है.

महासचिव गुटेरेश ने इस अवसर पर, सभी लोगों के लिये अपने सन्देश में, इस उत्सव की भावना के ज़रिये, एक शान्तिपूर्ण व समृद्ध इथियोपिया के निर्माण के लिये शुभकामनाएँ दी हैं.

Share this story