अल जज़ीरा की पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की हत्या की जाँच की मांग

संयुक्त राष्ट्र के अनेक वरिष्ठ अधिकारियों ने फ़लस्तीनी क्षेत्र पश्चिमी तट में, अल जज़ीरा की प्रख्यात पत्रकार शिरीन अबू अकलेह की हत्या के हालात की जाँच कराए जाने की मांग की है.

51 वर्षीय प्रख्यात फ़लस्तीनी – अमेरिकी पत्रकार शिरीन अबू अकलेह पश्चिमी तट के जेनिन क़स्बे में, इसराइली सेना के एक अभियान की रिपोर्टिंग कर रही थीं जब उन्हें जानलेवा गोली लगी और उनकी मौत हो गई.

मीडिया ख़बरों के अनुसार, उनके प्रोड्यूसर भी इस घटना में घायल हुए हैं.

संयुक्त राष्ट्र की शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक एजेंसी – यूनेस्को की अध्यक्ष ऑड्री अज़ूले ने पत्रकार शिरीन की हत्या की निन्दा करने वाला एक वक्तव्य जारी किया है.

अन्तरराष्ट्रीय क़ानून का उल्लंघन

ऑड्री अज़ूले ने कहा है कि शिरीन अबू अकलेह को “इस सच्चाई के बावजूद गोली मारी गई जबकि वो एक ऐसी जैकेट पहने हुए थीं जिस पर ‘प्रैस’ लिखा हुआ था”.

“किसी संघर्ष वाले क्षेत्र में, स्पष्ट रूप से चिन्हित प्रैस कामगार की हत्या किया जाना, अन्तरराष्ट्रीय क़ानून का उल्लंघन है. मैं सम्बन्ध पक्षों से इस अपराध की जाँच करने और ज़िम्मेदारों को न्याय के कटघरे में लाने का आहवान करती हूँ.”

ऑड्री अज़ूले ने ध्यान दिलाते हुए कहा कि यूनेस्को, पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिये काम करता है और यह काम – पत्रकारों की सुरक्षा और दण्डमुक्ति के मुद्दे पर यूएन कार्रवाई योजना के ज़रिये किया जाता है.

यूनेस्को विश्व प्रैस स्वतंत्रता दिवस मनाने के लिये भी अग्रणी एजेंसी है और ये दिवस हर वर्ष 3 मई को मनाया जाता है. 

पत्रकार निशाना नहीं

मध्य पूर्व शान्ति प्रक्रिया के लिये संयुक्त राष्ट्र के विशेष संयोजक टोर वैनेसलैण्ड ने भी, शिरीन अबू अकलेह की हत्या की, ट्विटर सन्देश के ज़रिये कड़ी निन्दा की है.

उन्होंने मृतक पत्रकार के परिवार के साथ गहरी सम्वेदना व्यक्त की है और उनके घायल सहयोगी के जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की है.

टोर वैनेसलैण्ड ने कहा, “मैं तत्काल और व्यापक जाँच और इस हत्या के लिये ज़िम्मेदारों को जवाबदेह ठहराए जाने का आहवान करता हूँ. मीडियाकर्मियों को कभी भी निशाना नहीं बनाया जाना चाहिये.”

दण्डमुक्ति ख़त्म करनी होगी

मध्य पूर्व शान्ति प्रक्रिया के लिये संयुक्त राष्ट्र की उप संयोजक और क़ाबिज़ फ़लस्तीनी क्षेत्र के लिये मानवीय सहायता संयोजक लिन हेस्टिंग्स ने, ख़बरों की रिपोर्टिंग करते समय, पत्रकारों के लिये दरपेश जोखिमों की तरफ़ ध्यान खींचा है. 

उन्होंने ट्विटर सन्देश में कहा कि शिरीन अबू अकलेह की हत्या ऐसे समय में हुई है जब संयुक्त राष्ट्र, ग़ाज़ा में विश्व प्रैस स्वतंत्रता दिवस मना रहा था जिसमें पत्रकारों के सामने हर दिन मौजूद ख़तरों की तरफ़ ध्यान आकर्षित किया गया.

“जवाबदेही निर्धारित करने के लिये, तत्काल जाँच कराना बहुत ज़रूरी है.”

संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR) ने कहा है कि वो इस हत्या पर आश्चर्यचकित हैं. 

यूएन मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय ने ट्विटर सन्देश में कहा, “हमारे कार्यकर्ता धरातल पर पहुँचकर, तथ्यों की पुष्टि कर रहे हैं. हम शिरीन की हत्या की स्वतंत्र, पारदर्शी जाँच कराने का आग्रह करते हैं. दण्डमुक्ति को ख़त्म होना होगा.”

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