अफ़्रीका: सहेल क्षेत्र में आतंकी हमलों से निपटने के लिये संसाधनों की दरकार 

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने अफ़्रीका के सहेल क्षेत्र में बढ़ते आतंकी हमलों पर चिन्ता जताई है. रमदान के पवित्र महीने के दौरान यूएन प्रमुख पश्चिम अफ़्रीका के तीन देशों की यात्रा पर हैं और सेनेगल के बाद, सोमवार को निजेर की राजधानी नियामे उनका दूसरा पड़ाव था. 

उन्होंने निजेर के राष्ट्रपति मोहम्मद बज़ोम से मुलाक़ात के बाद कहा कि अन्तरराष्ट्रीय समुदाय को यह समझना होगा कि आतंकवाद, केवल एक क्षेत्रीय या अफ़्रीकी मुद्दा नहीं है, बल्कि इससे पूरी दुनिया के लिये ख़तरा है. 

महासचिव गुटेरेश ने दोहराया कि इस समस्या से निपटने के लिये अतिरिक्त संसाधनों को मुहैया कराया जाना होगा. 

“निजेर और पूरे सहेल क्षेत्र में शान्ति, स्थिरता व समृद्धि, संयुक्त राष्ट्र के लिये एक शीर्ष प्राथमिकता है.”

राष्ट्रपति मोहम्मद बज़ोम ने आतंकवाद के समाधान की तलाश के लिये यूएन प्रमुख के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि यह चुनौती गतिशील है, इसमें बदलाव आया है, जिसके अनुरूप प्रतिक्रिया को ढाला जाना होगा.

इस बीच, निजेर के पूर्व राष्ट्रपति महमदाउ इस्साउफ़ू ने अफ़्रीकी संघ के प्रमुख और यूएन महासचिव के उस अनुरोध पर सहमति जताई है, जिसमें उनसे सहेल क्षेत्र में सुरक्षा पर अफ़्रीकी संघ-यूएन की एक साझा रणनैतिक समीक्षा का नेतृत्व करने का आग्रह किया गया है.

इसके तहत, सहेल क्षेत्र में सुरक्षा संकट से निपटने के लिये अन्तरराष्ट्रीय जवाबी कार्रवाई को मज़बूती प्रदान करने के इरादे से सिफ़ारिशें तैयार की जाएंगी.

पीड़ित आमजन

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, निजेर में असुरक्षा की अनेक वजहें हैं और हिंसा का ख़ामियाज़ा अक्सर आम नागरिकों को सबसे पहले भुगतना पड़ता है.

आँकड़े दर्शाते हैं कि हमलों की जद में आने वाले हर 10 में आठ पीड़ित, आम नागरिक हैं.

बताया गया है कि देश के पश्चिमोत्तर, दक्षिण और दक्षिणपूर्व में क्रमश: तिल्लाबेरी, तहुआ और दिफ़ा क्षेत्रों में अनेक प्रकार के चरमपंथी सशस्त्र गुट सक्रिय हैं. 

दक्षिण के मराडी क्षेत्र में, नाइजीरिया से अपनी गतिविधियाँ चला रहे हथियारबन्द गुट अक्सर सीमा पार करके हमले करते हैं. इसके अलावा, निजेर में हथियारबन्द दस्यु गिरोह भी एक बड़ा ख़तरा हैं.

वर्ष 2021 में वैश्विक आतंकवाद इण्डेक्स के अनुसार निजेर में आतंकवाद के कारण 588 मौतें हुई हैं, जोकि पिछले एक दशक में आतंकवाद के कारण होने वाली मौतों में सबसे ऊँचा स्तर है.

विविध संकट

यूएन प्रमुख ने सचेत किया कि असुरक्षा, इस अभूतपूर्व स्तर पर व्याप्त एक बहुआयामी संकट का महज़ एक हिस्सा है.

जलवायु संकट, बढ़ती ख़ाद्य असुरक्षा, कुपोषण और यूक्रेन में युद्ध के कारण रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच रहीं ख़ाद्य क़ीमतें, इन सभी कारणों से अभूतपूर्व पैमाने पर मानवीय राहत आवश्यकताएँ पैदा हुई हैं.

निजेर में महिलाएँ, वर्षा ऋतु के लिये भूमि तैयार कर रही हैं, जोकि मरुस्थलीकरण से निपटने के प्रयासों का हिस्सा है.
© FAO/Giulio Napolitano
निजेर में महिलाएँ, वर्षा ऋतु के लिये भूमि तैयार कर रही हैं, जोकि मरुस्थलीकरण से निपटने के प्रयासों का हिस्सा है.

संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि वर्ष 2020 के बाद से, अचानक खाद्य असुरक्षा का सामना करने वाले लोगों की संख्या दोगुनी हो गई है.

एक अनुमान के अनुसार, निजेर की ढाई करोड़ आबादी में से 15 फ़ीसदी आबादी को इस साल मानवीय सहायता की ज़रूरत होगी.

निजेर में क़रीब 80 फ़ीसदी आबादी अपनी आजीविका के लिये कृषि पर निर्भर हैं, मगर असुरक्षा और बदलती जलवायु के कारण उनके समक्ष भरण-पोषण की समस्या पनप रही है.

जीवन प्रत्याशा, शिक्षा और आय समेत अन्य संकेतकों पर नज़र रखने वाला, वर्ष 2019 का मानव विकास इण्डेक्स दर्शाता है कि निजेर 189 देशों की सूची में सबसे निचले स्थान पर है.

भविष्य के प्रति आशा

निजेर के सामने मौजूद अनेक चुनौतियों के बावजूद, यूएन प्रमुख ने नियामे में मीडिया को बताया कि उम्मीद बरक़रार है.

उन्होंने भरोसा जताया कि निजेर के युवजन, विशेष रूप से महिलाओं, की आकाँक्षाओं को पूरा करने के लिये संयुक्त राष्ट्र को अपना समर्थन देना होगा, ताकि वे अपने बेहतर भविष्य के लिये अवसर सृजित कर पाने में सक्षम हो सकें.   

यूएन के शीर्षतम अधिकारी ने कहा कि निजेर में सकारात्मक प्रयासों को गति प्रदान करके, पूरे क्षेत्र में हालात को बेहतर बनाया जा सकता है.

महासचिव गुटेरेश का अगला पड़ाव, मंगलवार को नाइजीरिया में होगा.

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