अफ़ग़ानिस्तान: सर्दी के मौसम से पहले जीवनरक्षक सहायता के लिये समर्थन बढ़ाने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों और मानवीय राहत संगठनों ने, अफ़ग़ानिस्तान में संकटपूर्ण हालात के बीच ज़रूरतमन्दों तक जीवनरक्षक सहायता पहुँचाने के लिये प्रयास तेज़ किये हैं. शीत ऋतु के आगमन से पहले विस्थापितों व निर्बल समुदायों की आवश्यकताओ को पूरा करने के लिये, सहायता धनराशि उपलब्ध कराए जाने की अपील की गई है. 

अफ़ग़ानिस्तान में लाखों लोग दशकों से जारी हिंसक संघर्ष विस्थापन, निर्धनता, कोविड-19 महामारी, गम्भीर सूखा, बदहाल स्वास्थ्य प्रणाली, और ध्वस्त होने के कगार पर पहुँच चुकी अर्थव्यवस्था है.

महिलाओं व लड़कियों और अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर एक गम्भीर ख़तरा मंडरा रहा है.

यूएन एजेंसियाँ, मानवीय राहत प्रयासों में वित्तीय कठिनाइयों, आवाजाही सम्बन्धी चुनौतियों और जटिल भूराजनैतिक हालात पर पार पाने के लिये कोई क़सर बाक़ी नहीं छोड़ रही हैं. 

लाखों लोगों के लिये भोजन, कम्बल, स्वास्थ्य सेवा सहित अन्य प्रकार की सहायता उपलब्ध कराई गई है.  

विकराल चुनौती

वर्ष 2021 की शुरुआत में ही अफ़ग़ानिस्तान, दुनिया में बेहद ख़राब मानवीय हालात वाले देशों में से था. देश की क़रीब आधी आबादी (एक करोड़ 84 लाख) को मानवीय सहायता की आवश्यकता है.

अफ़ग़ानिस्तान में हिंसक संघर्ष व असुरक्षा की वजह से इस वर्ष लगभग सात लाख लोग विस्थापित हुए हैं.

लम्बे समय से जारी हिंसा व अस्थिरता के कारण अब तक 35 लाख अफ़ग़ान नागरिक अपने घरों से दूर जाने के लिये मजबूर हुए हैं. 

हाल के घटनाक्रम की पृष्ठभूमि में पहले से मौजूद ज़रूरतें व निर्बलताएँ और ज़्यादा गहरी हुई हैं, और आर्थिक व्यवधान व चुनौतियाँ, बड़ी संख्या में लोगों को संकट की ओर धकेल रही हैं.   

ज़रूरतमन्दों के लिये मदद

सितम्बर महीने में 38 लाख लोगों तक खाद्य सहायता पहुँचाई गई है, छह से 59 महीने की आयु वाले 21 हज़ार बच्चों और 10 हज़ार महिलाओं का, गम्भीर कुपोषण के लिये उपचार किया गया है. 

32 हज़ार लोगों तक अन्य प्रकार की सहायता सामग्री पहुँचाई गई है, जिसमें कम्बल, सर्दियों के लिये गर्म कपड़े हैं.

इसके अतिरिक्त, 10 हज़ार बच्चों के लिये सामुदायिक स्तर पर शिक्षण गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं.

साढ़े चार लाख लोगों के लिये प्राथमिक व माध्यमिक स्तर पर स्वास्थ्य देखभाल सेवा का प्रबन्ध किया गया है, 12 हज़ार लोगों को आपात मनोसामाजिक व मानसिक स्वास्थ्य सम्बन्धी सहारा दिया गया है.

सूखा-प्रभावित एक लाख 86 हज़ार लोगों के लिये जल मुहैया कराया गया है जबकि डेढ़ लाख लोगों को, स्वच्छता को बढ़ावा देने वाली किटें बाँटी गई हैं. 

सहायता की दरकार

13 सितम्बर 2021 को मानवीय सहायता समुदाय की ओर से एक औचक अपील जारी की गई, जिसमें प्राथमिकता के तौर पर, निर्बल हालात में रहने के लिये मजबूर एक करोड़ से अधिक लोगों तक, साल के अन्त से पहले मदद पहुँचाने के लिये 60 करोड़ डॉलर की रक़म एकत्र किये जाने का आग्रह किया गया है. 

अफ़ग़ानिस्तान में विकट हालात और दुनिया का ध्यान वहाँ होने के बावजूद, इस अपील के तहत महज़ 35 फ़ीसदी सहायता धनराशि का ही प्रबन्ध हो पाया है. 

बताया गया है कि दानदाताओं के संकल्प जल्द से जल्द वास्तविकता में बदले जाने होंगे, ताकि मानवीय राहत संगठन बिना देरी किये जवाबी कार्रवाई को तेज़ी से आगे बढ़ा सकें. 

संयुक्त राष्ट्र सदस्य देशों से अफ़ग़ानिस्तान से बाहर और भीतर मानवीय राहत सामग्री की त्वरित और निर्बाध आवाजाही, सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है. 

साथ ही सहायता धनराशि, देश में मानवीय राहत संगठनों तक पहुँचाने के लिये मानवीय आधार पर वित्तीय छूट प्रदान की जानी होगी. तत्काल कार्रवाई के अभाव में, अफ़ग़ानिस्तान में मानवीय हालात वर्ष 2022 में और भी ज़्यादा ख़राब होने की आशंका है. 

इसके मद्देनज़र, मौजूदा तालेबान प्रशासन, यूएन सदस्य देशों, दानदाताओं, मानवीय राहत संगठनों और अन्य पक्षकारों से संगठित प्रयास किये जाने का आहवान किया गया है ताकि देश में मानवीय विनाश को टाला जा सके. 

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