अफ़ग़ानिस्तान संकट: दृढ़ संकल्प के साथ त्वरित कार्रवाई का आग्रह

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान में स्थिरता सुनिश्चित करने और स्थानीय जनता के बेहतर भविष्य के लिये देशों को एकजुट होकर, तत्काल कार्रवाई करनी होगी. यूएन प्रमुख ने अफ़ग़ानिस्तान मुद्दे पर, बुधवार को ईरान द्वारा आयोजित एक क्षेत्रीय सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए यह बात कही है.

ख़बरों के अनुसार, तेहरान में हुए इस सम्मेलन में पाकिस्तान, ताजिकिस्तान, उज़्बेकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान के विदेश मंत्री व्यक्तिगत रूप से शामिल हुए, जबकि रूस और चीन के मंत्रियों ने वर्चुअल शिरकत की.  

महासचिव ने बैठक के दौरान अफ़ग़ान संकट की विकरालता के प्रति आगाह करते हुए कहा, “अफ़ग़ानिस्तान एक विशाल मानवीय संकट का सामना कर रहा है और विकास के विनाश के कगार पर है.”

उन्होंने वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, देशों से एक आवाज़ में बोलने का आग्रह किया है. 

“हम एकजुट तरीक़ों से ही ज़्यादा स्थिरता को प्राप्त कर सकते हैं. एक साथ, आइए, हम अफ़ग़ानिस्तान की जनता की मदद और सभी के एक बेहतर भविष्य के लिये, संकल्प के साथ, बिना देरी किये, कार्रवाई करें.” 

मानवीय सहायता

महासचिव गुटेरेश ने कार्रवाई के लिये चार प्रमुख क्षेत्रों पर प्रयास केंद्रित किये जाने का आहवान किया है.

उन्होंने कहा कि सबसे पहले मानवीय राहत प्रयासों को मज़बूती प्रदान की जानी होगी. इस क्रम में, उन्होंने विकराल अवरोधों के बावजूद, संयुक्त राष्ट्र द्वारा संचालित व्यापक राहत अभियान प्रयासों पर जानकारी को साझा किया. 

“हम तालेबान के सहयोग से काम कर रहे हैं, जिन्होंने चरणबद्ध ढँग से उन इलाक़ों में जाने की अनुमति दी है, जिनके लिये हमने निवेदन किया था, और ज़रूरत पड़ने पर सुरक्षा भी मुहैया कराई है.”

यूएन प्रमुख ने राहतकर्मियों व सहायता सामग्री की आवाजाही के लिये पड़ोसी देशों से मिले सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया है.

साथ ही, शरणार्थियों के मुद्दे पर पारस्परिक सहयोग जारी रखने की अहमियत को रेखांकित करते हुए ध्यान दिलाया कि मेज़बान देशों के लिये, अन्तरराष्ट्रीय सहयोग को आवश्यकता के स्तर के अनुरूप रखना होगा.

अफ़ग़ान अर्थव्यवस्था

यूएन प्रमुख ने सचेत किया कि अफ़ग़ानिस्तान की अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित किया जाना भी आवश्यक है, चूँकि फ़िलहाल यह ध्वस्त होने के कगार पर पहुँच चुकी है. 

उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था में फिर से प्राण फूँकने कि लिये समन्वित प्रयासों पर बल दिया है. 

“अफ़ग़ान अर्थव्यवस्था के लिये नक़दी, अन्तरराष्ट्रीय क़ानूनों का उल्लंघन या सिद्धान्तों से समझौता किये बिना ही उपलब्ध कराई जा सकती है.” 

महासचिव गुटेरेश के मुताबिक़ अफ़ग़ानिस्तान की जनता को एक समावेशी व प्रतिनिधित्व आधारित सरकार की आवश्यकता है, जोकि अन्तरराष्ट्रीय मानवीय क़ानूनों का आदर करे और मानवाधिकारों व बुनियादी स्वतंत्रता को बरक़रार रखे. 

मानवाधिकारों की रक्षा

अफ़ग़ानिस्तान में मानवाधिकार हनन की घटनाओं पर गहरी चिन्ता जताई गई है, विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों, और जातीय अल्पसंख्यकों के अधिकार उल्लंघन के मामलों पर. 

देश में धार्मिक स्थलों पर हाल के दिनों में हुए आतंकवादी हमलों के मद्देनज़र, उन्होंने सही दिशा में आगे बढ़ने के लिये सम्वाद व सम्पर्क जारी रखने पर बल दिया है.

यूएन प्रमुख ने कहा कि अफ़ग़ान नागरिकों और क्षेत्र को, एक सुरक्षित देश की आवश्यकता है, जो आतंकवाद का गढ़ या ड्रग्स की तस्करी का केंद्र ना हो. 

उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि ऐसा अफ़ग़ानिस्तान, क्षेत्र और विश्व भर में, शान्ति व स्थिरता के लिये बेहद अहम है. 

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