अफ़ग़ानिस्तान: काबुल में अस्पताल पर हमला; स्वास्थ्य केन्द्रों को निशाना नहीं बनाए जाने की अपील 

संयुक्त राष्ट्र महासचिव के उपप्रवक्ता ने कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल के एक सैन्य अस्पताल पर हुए जानलेवा हमले ने फिर आगाह किया है कि स्वास्थ्य केन्द्रों को कभी भी निशाना नहीं बनाया जाना चाहिये. इस बीच, यूएन एजेंसियाँ देश भर में ज़रूरतमन्दों तक राहत सामग्री पहुँचाने के कार्य को तेज़ी से आगे बढ़ा रही हैं.

ख़बरों के अनुसार, मंगलवार को काबुल में सरदार मोहम्मद दाउद ख़ान अस्पताल के प्रवेश द्वार के पास दो धमाके हुए, जिनमें 19 लोगों की मौत हुई है और अनेक अन्य घायल हुए हैं.  

तालेबान ने इस घटना के लिये इस्लामिक स्टेट (आईसिल/दाएश) के आतंकी नैटवर्क से जुड़े संगठन को ज़िम्मेदार ठहराया है.

यूएन उपप्रवक्ता फ़रहान हक़ ने मंगलवार को न्यूयॉर्क में पत्रकारों को जानकारी देते हुए कहा, “यह ध्यान दिलाता है कि स्वास्थ्य केन्द्र और बुनियादी ढाँचे, कभी भी हमलों का निशाना नहीं होने चाहियें, और कि सभी आमजन की रक्षा की जानी होगी.”

उन्होंने इस घटना में हताहतों  परिजनों के प्रति सम्वेदना व्यक्त की हैं. 

मानवीय सहायता प्रयास

संयुक्त राष्ट्र द्वारा अफ़ग़ानिस्तान में मानवीय राहत पहुँचाने का काम जारी है, और इसके साथ ही देश भर में बढ़ती ज़रूरतों के मद्देनज़र, हालात की समीक्षा भी की जा रही है.

विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) के अनुसार देश भर में मानवीय सहायता पहुँचाने के लिये, हर दिन 170 ट्रक रवाना किये जा रहे हैं. 

इस वर्ष, यूएन एजेंसी ने अब तक एक करोड़ 15 लाख लोगों तक खाद्य सहायता मुहैया कराई है, जिनमें से 47 लाख लोगों को अक्टूबर महीने में ही राहत सामग्री वितरित की गई है. 

अक्टूबर महीने के अन्तिम सप्ताह में, अन्तरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) ने लगभग साढ़े आठ हज़ार निर्बल अफ़ग़ान लोगों को ज़रूरी मानवीय सहायता उपलब्ध कराई है. 

साथ ही, दो हज़ार 330 ऐसे अफ़ग़ान लोगों को आपात आश्रय दिया गया है, जो दस्तावेज़ों के बिना ही, अफ़ग़ानिस्तान लौटे हैं. 

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) ने पहली बार, हवाई मार्ग के ज़रिये काबुल तक सहायता पहुँचाने की शुरुआत की है.

इस क्रम में एक विमान, सर्दियों के मौसम के लिये राहत सामग्री लेकर दुबई के भण्डारण स्थल से मंगलवार को काबुल पहुँचा है. 

यूएन एजेंसी की ओर से इस विमान ने संयुक्त अरब अमीरात के शारजाह से, विस्थापित अफ़ग़ान लोगों के लिये 33 टन ऐसी सामग्री के साथ उड़ान भरी, जो सर्दियों के मौसम में ज़रूरी होगी.

बढ़ती ज़रूरतें

यूएन एजेंसी की प्रवक्ता शाबिया मण्टू ने बताया कि सर्दियों से ठीक पहले, अफ़ग़ानिस्तान में ज़रूरतें तेज़ी से बढ़ रही हैं. ठण्ड के मौसम में कुछ इलाक़ों में पारा -25 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है.

हिंसक संघर्ष और असुरक्षा के कारण अफ़ग़ानिस्तान के भीतर, 35 लाख लोग विस्थापित हुए हैं, जिनमें से सात लाख इसी वर्ष जबरन घर छोड़ने के लिये मजबूर हुए थे. 

शाबिया मण्टू ने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान और क्षेत्र में अन्य देशों तक राहत सामग्री पहुँचाने के लिये भूमि, समुद्री और वायु मार्ग का सहारा लिया जा रहा है.

राहत सामग्री उज़बेकिस्तान के तरमेज़ में रखी गई है, और ज़रूरत पड़ने पर उसे किसी भी समय अफ़ग़ानिस्तान पहुँचाया जा सकता है.

अफ़ग़ानिस्तान के लिये जारी औचक अपील के तहत, वर्ष 2021 के अन्त तक, एक करोड़ 10 लाख लोगों की सहायता के लिये 60 करोड़ डॉलर की राशि जुटाने का आग्रह किया गया है.

इस अपील के तहत फ़िलहाल 50 फ़ीसदी धनराशि का ही प्रबन्ध हो पाया है.

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