अफ़ग़ानिस्तान: अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान व पत्रकारों की सुरक्षा बेहद अहम

संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवँ सांस्कृतिक संगठन (UNESCO) ने, अफ़ग़ानिस्तान में मौजूदा घटनाक्रम की पृष्ठभूमि में, अफ़ग़ान नागरिकों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित किये जाने का आहवान किया है.

यूनेस्को के मुताबिक़ इस वर्ष, अपने दायित्व का निर्वहन करते हुए कम से कम सात पत्रकार मारे गए हैं, जिनमें चार महिलाएँ हैं.

यूनेस्को की महानिदेशक ऑड्री अज़ूले ने शुक्रवार को जारी अपने एक वक्तव्य में ध्यान दिलाया कि विश्वसनीय जानकारी और खुली सार्वजनिक चर्चा को बढ़ावा देने में स्वतंत्र मीडिया की अहम भूमिका है.

उन्होंने कहा कि अफ़ग़ान नागरिकों के लिये एक शान्तिपूर्ण भविष्य की प्राप्ति के लिये यह बेहद अहम है, जिसके वे हक़दार हैं.  

“इस महत्वपूर्ण पड़ाव पर किसी भी व्यक्ति को, अपनी सोच व्यक्त करने में कोई डर नहीं होना चाहिये, और महिलाओं सहित सभी पत्रकारों की सुरक्षा की, विशेष रूप से गारण्टी दी जानी होगी.”

यूनेस्को के मुताबिक़ इस क्रम में, अन्तरराष्ट्रीय मानकों व मानवाधिकार दायित्वों का पूर्ण रूप से सम्मान किया जाना होगा. 

तालेबान गुट ने अफ़ग़ानिस्तान में, हाल ही में, कुछ ही दिनों के भीतर, काबुल सहित, बड़ी आबादी वाले सभी शहरों पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया है.

यूएन एजेंसी प्रमुख ने इसके मद्देनज़र भरोसा दिलाया कि उनका संगठन, सभी अफ़ग़ान लोगों के लिये जानकारी की सुलभता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को हरसम्भव समर्थन देने के लिये प्रतिबद्ध है. 

ग़ौरतलब है कि पिछले 20 वर्षों में, अफ़ग़ानिस्तान में एक स्फूर्त व विविधतापूर्ण पेशेवर मीडिया सैक्टर के फलने-फूलने में यूनेस्को की महत्वपूर्ण भागीदारी रही है. 

मीडिया का विकास

इन प्रयासों के तहत मीडिया क्षेत्र में विकास के लिये निम्न क़दम उठाए गए – 

- नया क़ानूनी फ़्रेमवर्क तैयार करने में सहायता 

- सामुदायिक मीडिया के विकास में योगदान 

- पत्रकारिता की शिक्षा के स्तर में बेहतरी

- लैंगिक मुद्दों पर सम्वेदनशील रिपोर्टिंग

- शिक्षा के प्रसार के लिये प्रसारणों को मज़बूती 

यूनेस्को ने हाल के समय में, तथ्यों के सत्यापन के लिये नैटवर्कों व मीडिया संगठनों को समर्थन मुहैया कराया है ताकि कोविड-19 संकट के दौरान पुष्ट सूचना पर आधारित जानकारी को बढ़ावा दिया जा सके.   

महानिदेशक अज़ूले ने बताया कि अफ़ग़ान मीडियाकर्मियों ने हिंसा व ख़तरों का सामना करने के बावजूद, जनता की सेवा के लिये उत्कृष्ट समर्पण दर्शाया है.

यूएन एजेंसी ने आग्रह किया कि मीडिया सैक्टर में हुई महत्वपूर्ण प्रगति को व्यर्थ नहीं जाने देना होगा, विशेष रूप से महिला पत्रकारों को अपना कार्य जारी रखना होगा.

ऑड्री अज़ूले ने बताया कि पत्रकारों के विरुद्ध बदले की भावना से कोई कार्रवाई नहीं किये जाने के सम्बन्ध में जारी बयानों का सम्मान किया जाना होगा. साथ ही देश भर में इस विषय में हालात की निगरानी की जानी होगी.  

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