अफ़ग़ानिस्तान: अति-महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभता व निरन्तरता के लिये समझौता

संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) और वैश्विक कोष (Global Fund) ने विकट हालात का सामना कर रहे अफ़ग़ान लोगों के लिये अति-आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएँ जारी रखने के लिये एक समझौते पर हस्ताक्षर किये हैं. इसके तहत दो हज़ार से अधिक स्वास्थ्य केन्द्रों में महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के लिये डेढ़ करोड़ डॉलर की अन्तरिम व आपात सहायता धनराशि मुहैया कराई जाएगी.

यूएन एजेंसी और वैश्विक कोष के बीच हुए इस समझौते का उद्देश्य अन्तरराष्ट्रीय दानदाताओं से प्राप्त होने वाली धनराशि और मौजूदा स्वास्थ्य ज़रूरतों के बीच की खाई को पाटना है.

इसके ज़रिये अफ़ग़ानिस्तान की स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली को ध्वस्त होने से बचाने और उन लाखों निर्बल अफ़ग़ान नागरिकों की रक्षा के प्रयास किये जाएंगे, जिनके लिये प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल पहुँच से बाहर होने का जोखिम मंडरा रहा है.

वर्ष 2021 की शुरुआत में ही अफ़ग़ानिस्तान, दुनिया में बेहद ख़राब मानवीय हालात वाले देशों में से था. देश की क़रीब आधी आबादी (एक करोड़ 84 लाख) को मानवीय सहायता की आवश्यकता है.

अफ़ग़ानिस्तान में लाखों लोग हिंसक संघर्ष विस्थापन, निर्धनता, कोविड-19 महामारी, गम्भीर सूखे से पीड़ित हैं और स्वास्थ्य प्रणाली बदतर हालात में हैं. 

नए समझौते के तहत, वैश्विक कोष द्वारा यूएन विकास कार्यक्रम को डेढ़ करोड़ डॉलर की धनराशि मुहैया कराई जाएगी. 

यूएन विकास कार्यक्रम के प्रशासक एखिम श्टाईनर ने कहा, “हमारी प्राथमिकता, विशाल ज़रूरतों की इस घड़ी में अफ़ग़ान जनता के साथ वहाँ होने की है.”

उन्होंने कहा कि यूएनडीपी - वैश्विक कोष साझीदारी के ज़रिये अफ़ग़ानिस्तान में प्राथमिक देखभाल प्रणाली की निरन्तरता सुनिश्चित की जा सकेगी और महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को ठप होने से रोका जा सकेगा. 

“साथ ही, इससे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य देखभालकर्मियों के लिये प्रत्यक्ष समर्थन सुनिश्चित किया जा सकेगा ताकि सेवाएँ इस समय जारी रखी जा सकें.”

ख़बरों के अनुसार, इस कोष की मदद से हज़ारों डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के वेतन का भी भुगतान किया जा सकेगा.   

स्वास्थ्य केन्द्रों के लिये सहायता

यूएन एजेंसी पर इस धनराशि के प्रबन्धन और वितरण का दायित्व है ताकि 31 प्रान्तों के दो हज़ार 200 से अधिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर अति महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ जारी रखी जा सकें.

यूएन समर्थित एक स्वास्थ्यकर्मी अफ़ग़ानिस्तान में एक बच्चे को पोलियो की ख़ुराक पिलाते हुए.
UNICEF/Celeste Hibbe
यूएन समर्थित एक स्वास्थ्यकर्मी अफ़ग़ानिस्तान में एक बच्चे को पोलियो की ख़ुराक पिलाते हुए.

इस क्रम में धनराशि को ‘सेहतमन्दी’ परियोजना के साझीदार संगठनों को उपलब्ध कराया जाएगा, जिसे पहले विश्व बैंक से वित्तीय सहायता मिल रही थी. समझौते का लक्ष्य अफ़ग़ान स्वास्थ्य प्रणाली की रीढ़ को ध्वस्त होने से बचाना है.  

वैश्विक कोष और यूएन एजेंसी के बीच यह पहल, छह वर्ष से चली आ रही एक साझीदारी पर आधारित है, जिसमें एचआईवी, टीबी और मलेरिया के लिये अफ़ग़ानिस्तान में स्वास्थ्य सेवा प्रणाली के साथ मिलकर प्रावधान किये गए हैं.  

वैश्विक कोष और यूएन एजेंसी अफ़ग़ानिस्तान में वर्ष 2015 से साथ मिलकर काम कर रहे हैं

वर्ष 2020 में, वैश्विक कोष और यूएनडीपी के समर्थन से, ‘सेहतमन्दी’ परियोजना के तहत एक हज़ार से अधिक लोगों को एण्टी-रेट्रोवायरल थैरेपी दी गई.

45 हज़ार से अधिक लोगों का टीबी के लिये उपचार किया गया और मलेरिया से रक्षा के लिये, 30 लाख से अधिक मच्छरदानियाँ वितरित की गई हैं.  

वैश्विक कोष ने, जुलाई 2021 में, अफ़ग़ानिस्तान में कोविड-19 पर जवाबी कार्रवाई के लिये एक करोड़ 49 लाख डॉलर की धनराशि स्वीकृत की थी, ताकि वैश्विक महामारी से एचआईवी, टीबी और मलेरिया कार्यक्रमों पर हुए असर को कम किया जा सके. 

साथ ही, महत्वपूर्ण परीक्षणों, उपचारों, चिकित्सा सामग्री के प्रबन्ध के साथ-साथ, अग्रिम मोर्चे पर स्वास्थ्यकर्मियों को रक्षा मुहैया कराने के अलावा, स्वास्थ्य प्रणालियों को मज़बूत बनाया गया था. 

Share this story